'बंगलौर के पुराने हवाई अड्डे को चालू रखने पर विचार करे सरकार'
नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार से बंगलौर के पुराने हवाई अड्डे को चालू रखने पर विचार करने को कहा है। अदालत का कहना है कि चूंकि नया हवाई अड्डा मुख्य शहर से 40 किलोमीटर दूर है इसलिए लोगों को तकलीफ हो सकती है।
मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन और न्यायायधीश आर.वी. रवींद्रन की पीठ ने हालांकि नए हवाई अड्डे को शुरू करने के सरकार के फैसले का बचाव किया है।
केंद्र सरकार और कर्नाटक के राज्य सरकार को पुराने हवाई अड्डे को चालू करने के बारे में विचार करने का आदेश देते हुए पीठ ने कहा, "हमारी चिंता पुराने हवाई अड्डे को बंद करने के बाद लोगों को पेश आने वाली परेशानियों के प्रति है।"
पीठ के आदेश पर अतिरिक्त महान्यायवादी गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा कि आगामी 12 मई को होने वाली बैठक में पुराने हवाई अड्डे को बंद करने को लेकर जनता को होने वाली परेशानियों के बारे में चर्चा की जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने यह सुनवाई बंगलौर की एक गैर सरकारी संस्था द्वारा दायर की गई उस जनहित याचिका पर की है जिसमें कहा गया था कि बंगलौर में मौजूदा हिंदुस्तान एरोनॉटिकल्स लिमिटेड (एचएएल) हवाई अड्डे को बंद करने से संबंधित सरकार का फैसला एकतरफा और पक्षपातपूर्ण है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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