बच्चों को रास आया रेडियो जॉकी बनना

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। अहमदाबाद की 12 वर्षीय छात्रा आन्या एक दिन के लिए रेडियो जॉकी (आरजे) बनने के अपने अनुभव को भुला ही नहीं पा रही है।

'94.3 माई एफएम दिल से' के कार्यक्रम 'माई का लाल' में एक दिन के लिए आरजे बनने के अपने अनुभव को बताते हुए आन्या ने कहा, "हेड फोन लगाना, माइक से बोलना.. यह सब मेरे लिए बिल्कु ल न भुलने वाला अनुभव था और मुझे इसे करने में बहुत आनंद आया।"

गौरतलब है कि 'माई का लाल' कार्यक्रम छोटे शहरों के बच्चों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यहां वे एक दिन के आरजे बनकर श्रोताओं को खुद से रूबरू कराते हैं।

चंडीगढ़ की सोम ललित स्कूल की शिक्षिका धारा परमार ने आईएएनएस से बताया, "इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेने से बच्चों में आत्मविश्वास पैदा होता है। इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेकर बच्चे भी अपने आप को खास महसुस करते हैं। "

इस कार्यक्रम में एक दिन के लिए आरजे बने बच्चे अपने अनुभवों के बारे में बताते हैं। आरजे बने बच्चे श्रोताओं को अपनी रुचि के खेल, फिल्म और वर्तमान में चल रहे मुद्दों पर अपनी राय से भी अवगत कराते हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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