मलेशियाई चीनी संघ का बहुजातीयता अपनाने पर जोर
कुआलालंपुर, 5 मई (आईएएनएस)। मार्च में संपन्न आम चुनावों के मिले-जुले नतीजों को देखते हुए मलेशिया की चीनी राजनीतिक पार्टी ने देश के विभिन्न राजनीतिक दलों में बहुजातीय व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है।
सत्तारूढ़ बारिसान नेशनल (बीएन) के दूसरे सबसे प्रमुख दल मलेशियन चाइनीज एसोसिएशन (एमसीए) के उपाध्यक्ष ओंग ती कीट ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए बहुजातीय व्यवस्था बनानी जरूरी है।
समाचार पत्र 'न्यू स्ट्रेट टाइम्स' को दिए एक बयान में ओंग ने कहा, "मेरे प्रस्ताव से पार्टी के पुरातनपंथी सदस्यों को ऐतराज हो सकता है। इसे मेरे राजनीतिक विरोधी आगामी पार्टी चुनावों में मेरे खिलाफ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं अपने विचारों पर दृढ़ हूं। मुझे पूरा यकीन है कि पार्टी की प्रासंगिकता बनाए रखने का यही रास्ता है। आजादी के पचास वर्ष बाद एक नए राजनीतिक भविष्य के लिए हमारे सदस्यों को यह बदलाव स्वीकार करने होंगे।"
दूसरी ओर मलेशियन इंडियन कांग्रेस (एमआईसी) के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री एस. सामी वेल्लु ने ओंग के विचार को अव्यावहारिक बताया है।
उन्होंने कहा, "मैं कह सकता हूं कि एमआईसी बहुजातीय है क्योंकि उसके 10-15 प्रतिशत सदस्यों ने चीनी महिलाओं से विवाह किया है।"
उल्लेखनीय है कि हालिया चुनावों मलेशियाई वोटरों अपने पारंपरिक दलों से हट कर अन्य दलों को वोट दिए थे। सत्तारूढ़ बीएन को इस बार 24 प्रतिशत मूल मलेशियाइयों, 30 प्रतिशत चीनी और 69 प्रतिशत भारतीयों के वोट का नुकसान उठाना पड़ा है।
इसके विपरीत पहली बार विपक्षी गठबंधन पकातान रक्यात (पीआर) संसद में 82 सीटें लेकर मजबूत स्थिति में है। देश के पांच राज्यों में पीआर की सरकार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications