सीरिया-इजरायल की शांति वार्ता से ईरान, हिजबुल्लाह चिंतित

इस्ताबुंल, 5 मई (आईएएनएस)। अरब जगत में आने वाले कुछ दिनों में एक नए युद्ध की आशंका व्यक्त की जा रही है।

इजरायल ईरान समर्थक हिजबुल्लाह मिलीशिया पर आक्रमण करने से पहले सीरिया को हवाई हमलों के द्वारा अलग-थलग करना चाहता है।

कुछ विश्लेषक इससे अलग संभावना प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका मानना है कि सीरिया और इजरायल के बीच 2007 से तुर्की की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता का कोई गहरा उद्देश्य है।

अरब मामलों के जानकारों का मानना है कि इजरायल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट का सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को इजरायल के कब्जे वाली गोलन पहाड़ियों की वापसी के लिए वार्ता करने का उद्देश्य सीरिया के ईरान साथ गहरे संबंधों को तोड़ना है।

एक अरब विश्लेषक ने अरबी समाचार पत्र अल-हयात में लिखा है कि सीरिया के साथ शांति समझौते का उद्देश्य ईरान को गहरा धक्का पहुंचाना है। इससे हिजबुल्लाह भी काफी कमजोर हो जाएगा जो अब तक सीरिया के रास्ते ईरानी हथियार प्राप्त करता है।

सूत्रों के अनुसार इजरायल ने सीरिया से गोलन पहाड़ियों के एक भाग से अपनी सेना की संपूर्ण वापसी और बाकी भाग को कई दशकों के लिए लीज पर लेना चाहता है।

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद भी ईरान के साथ संबंधों के कारण अंतर्राष्ट्रीय अलगाव को खत्म करने की कोशिश में हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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