लखनऊ में चिकित्सा विश्वविद्यालय के डाक्टर अवकाश पर
लखनऊ, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। निजी चिकित्सा के मसले पर आज छत्रपति शाहू जी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय के चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर चले गए। इस कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले दिनों उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि सरकारी सेवा से जुड़े होने के बावजूद निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद चिकित्सा विश्वविद्यालय की नई कुलपति डा. सरोज चूड़ामणि ने घोषणा की थी कि ऐसे चिकित्सक या तो पूरी तरह से सरकारी कार्य करें अन्यथा निजी प्रैक्टिस के लिए सेवा छोड़ दें।
प्रशासन के इस रवैये से खफा चिकित्सकों ने कल विश्वविद्यालय में एक बैठक की और आज से सामूहिक अवकाश की घोषणा कर दी।
बहरहाल, चिकित्सकों के सामूहिक अवकाश से आज विश्वविद्यालय का काम ठप पड़ गया है। बाह्य चिकित्सा विभाग (ओपीडी) सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गयी हैं। नियमित ऑपरेशन व जांच के काम टाल दिए गए हैं। इस कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। उधर, निजी प्रैक्टिस से दूर रहने वाले चिकित्सकों ने काम करने की कोशिश की तो उन्हें चूड़ी और गुलाब के फूल दिए गए।
इस बारे में जब आईएएनएस संवाददाता ने कुलपति डा. सरोज से बात करने की कोशिश की तो उन्होने कोई भी उत्तर देने से मना कर दिया। शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डा. एके सिंह ने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए व्यवस्था कर दी गयी है और अगर यह अवकाश बढ़ा तो दूसरे विकल्प भी खोजे जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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