नेपाल के चुनाव में माओवादियों को बढ़त
काठमांडू, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में हुए संविधान सभा के चुनाव के शुरुआती रुझानों के अनुसार देश के पश्चिमी हिस्से में कई सीटों पर माओवादी उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं। पश्चिमी नेपाल माओवादियों का गढ़ माना जाता है और पिछले एक दशक में 'पीपुल्स वार' के तहत हिंसा की सर्वाधिक घटनाएं भी इसी इलाके में हुई हैं।
काठमांडू, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में हुए संविधान सभा के चुनाव के शुरुआती रुझानों के अनुसार देश के पश्चिमी हिस्से में कई सीटों पर माओवादी उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं। पश्चिमी नेपाल माओवादियों का गढ़ माना जाता है और पिछले एक दशक में 'पीपुल्स वार' के तहत हिंसा की सर्वाधिक घटनाएं भी इसी इलाके में हुई हैं।
गुरुवार को हुए ऐतिहासिक चुनावों के बाद बारदिया जिले के तीन चुनाव क्षेत्रों में मतगणना का काम शुरू हुआ। यहां के माओवादी उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्र में बढ़त बनाए हुए हैं।
बारदिया जिले में प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला की नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफायड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट (यूएमएल) पिछड़ रही है। यहां माओवादी उम्मीदवार सरला रीगमी को अपने यूएमएल प्रतिद्वंद्वी बामदेव गौतम से बढ़त मिली हुई है।
काठमांडू में नेशनल कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है, जबकि माओवादी वहां पर दूसरे स्थान पर हैं। काठमांडू के बाहरी इलाकों में माओवादी बढ़त बनाए हुए हैं।
माओवादियों के एक मजबूत गढ़ डांग जिले में कोइराला सरकार के प्रवक्ता और माओवादी मंत्री कृष्ण बहादुर महारा अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं।
सत्ताधारी गठबंधन में शामिल नेपाल वर्कर्स एंड पीजेंटस पार्टी (एनडब्लूपीपी) ने नेपाली कांग्रेस और माओवादी उम्मीदवार को पीछे छोड़ते हुए काठमांडू घाटी के भक्तपुर सीट पर जीत हासिल कर ली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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