कश्मीर घाटी में सैन्य ईंधन की भारी पैमाने पर चोरी
जम्मू, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में सेना का हजारों लीटर पेट्रोल और मिट्टी का तेल चोरी हो रहा है। पुलिस, सेना और व्यापारिक सूत्रों के अनुसार इसके पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ है।
जम्मू, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में सेना का हजारों लीटर पेट्रोल और मिट्टी का तेल चोरी हो रहा है। पुलिस, सेना और व्यापारिक सूत्रों के अनुसार इसके पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ है।
सूत्रों के अनुसार चोरी जाने वाला तेल काले बाजार में बेचा जाता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि पिछले चार महीनों में पेट्रोल चोरी के 20 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
प्राप्त सूचना के अनुसार इस गिरोह के पीछे कुछ ऐसे लोगों का हाथ है जिनके सेना के साथ ही भारतीय तेल निगम (आईओसी) से भी संबंध हैं, जो सेना को ईंधन आपूर्ति करता है।
घाटी में सेना को पेट्रोल सप्लाई करने वाले पेट्रोल टैंकर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद शर्मा के अनुसार तेल आपूर्ति करने वाले टैंकरों की दो चाबियां होती हैं, जिनमें से एक आईओसी और दूसरी सेना की हिफाजत में रहती है।
शर्मा के अनुसार गिरोह के लोग नकली चाबी बना कर टैंकर के ड्राईवर को देते हैं। ड्राईवर को एक नियत स्थान पर निश्चित मात्रा में टैंकर से पेट्रोल निकालना होता है। उनके अनुसार करीब 50 प्रतिशत ईंधन चोरी जाता है जिसकी कीमत लाखों रुपये है।
सेना की उत्तरी कमान के ऊधमपुर मुख्यालय के जन संपर्क अधिकारी कर्नल डी. के. कचारी ईंधन में कमी की बात तो मानते हैं, लेकिन सेना, ड्राइवरों और एजेंटों के बीच किसी तरह की सांठ-गांठ से इंकार करते हैं।
इसके विपरीत शर्मा का कहना है कि धांधली में लिप्त सैन्य अधिकारियों को चोरी गए तेल की 50 प्रतिशत कीमत मिलती है। उनके अनुसार कुपवाड़ा और बारामुला क्षेत्रों में सबसे अधिक चोरियां हुई हैं।
कुपवाड़ा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, "हमने करीब एक माह पूर्व छह हजार लीटर तेल पकड़ा था। हम मामले की छानबीन कर रहे हैं।"
उत्तरी कश्मीर के सोपोर के एक अन्य अधिकारी के अनुसार चोरी के ऐसे मामले अक्सर सामने आते रहे हैं।
कर्नल कचारी का कहना है, "समूचे कमान क्षेत्र की छानबीन में समय लगेगा। सेना में भ्रष्ट लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है। यदि ऐसे कोई मामले सामने आए तो कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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