आत्महत्या का जरिया बन गया ज्ञान का सागर इंटरनेट

वाशिंगटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। सूचना- प्रौद्योगिकी के इस युग में इंटरनेट को ज्ञान का सागर माना जाता है। लेकिन आज के दौर में ज्ञान का यह माध्यम जिंदगी से निराश लोगों को आत्महत्या के अलग-अलग रास्ते दिखाने में भी मदद करने से पीछे नहीं हट रहा है।

चौंकिएगा नहीं, ब्रिस्टल, आक्सफोर्ड और मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के हवाले से इस तथ्य का खुलासा किया है।

वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से सर्च इंजन गूगल, याहू व एमएसएन की पहली 10 वेबसाइटों का गहनता से अध्ययन किया था।

वैज्ञानिकों को ज्ञात हुआ कि निराश-हताश लोगों के जीवन को नई दिशा प्रदान करने वाली वेबसाइटों की तुलना में आत्महत्या के नए-नए तरीके सुझाने वाली वेबसाइटों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है।

अध्ययन में यह भी पता चला है कि मौत को गले लगाने के इच्छुक लोग इन वेबसाइटों की ज्यादा छानबीन करते हैं।

अध्ययन के नतीजों के मुताबिक गूगल और याहू में सर्वाधिक आत्महत्या के उपाय सुझाने वाली वेबसाइट उपलब्ध हैं।

वहीं दूसरी ओर एमएसएन में आत्महत्या के बजाय लोगों के जीवन को नई दिशा प्रदान करने वाली वेबसाइटें अधिक देखी जा सकती हैं।

अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार कुल 62 वेबसाइटें ऐसी हैं जो कि लोगों को आत्महत्या से बचने के उपायों के बारे में बताती हैं व लोगों को समर्थन प्रदान करती हैं। वहीं दूसरी ओर 59 वेबसाइटें लोगों के आत्महत्या जैसे बुरे विचारों को दूर करने में मदद करती हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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