शिप्रा हुई 66 की, रिटायर होने को तैयार नहीं
कोलकाता, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। वह 66 साल की है, जो किसी भी सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट की सही उम्र है, लेकिन शिप्रा रानी को इस उम्र में भी कोई नौकरी से हटाना नहीं चाहता।
कोलकाता, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। वह 66 साल की है, जो किसी भी सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट की सही उम्र है, लेकिन शिप्रा रानी को इस उम्र में भी कोई नौकरी से हटाना नहीं चाहता।
दरअसल शिप्रा रानी पश्चिम बंगाल जंगल विभाग की जंबो हथिनी है जो 25 साल की उम्र से ही इस विभाग के लिए काम कर रही है।
राज्य के मुख्य वन्यजीव संरक्षक एस. एस. बिष्ट ने आईएएनएस को बताया, "शिप्रा से अधिक उम्र के कई प्रशिक्षित हाथी यहां हैं लेकिन उस जैसा काम कोई भी नहीं कर पाता। हमें उस पर गर्व है।"
विभाग का कहना है कि प्रशिक्षण के बावजूद किसी और को उसकी तरह बना पाना आसान नहीं है। ऐसे में हमारे लिए उसे छुट्टी दे पाना आसान नहीं कहा जा सकता।
उत्तर बंगाल के 'बक्सा टाइगर रिजर्व' में 1967 में अपनों से अलग होने के बाद उसे वन विभाग ने अपने पास रख लिया था।
2004 तक शिप्रा के पूर्व-महावत के रूप में कार्यरत रहे धनबहादुर दोरजी ने बताया, "शिप्रा हमेशा से ही शांत स्वभाव की आज्ञाकारिणी हथिनी है। उसने आज तक कभी किसी को चोट नहीं पहुंचाई।"
गौरतलब है कि सामान्यत: हाथियों की उम्र 65 से 70 साल तक होती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दिनों पश्चिम बंगाल के वन विभाग में 76 हाथी हैं जिनमें से 56 जलदापारा के जंगलों में है जबकि 12 गोरुमारा और 8 बक्सा के जंगलों में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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