दर्द और थकान के संबंधों का भेद खुला
न्यूयार्क, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। आयोवा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन द्वारा दर्द और थकान के बीच संबंधों का पता लगा लिया है। इससे दर्द संबंधी बीमारी 'फाइब्रोमायल्जिया' और थकान के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
प्रोफेसर कैथलीन सुल्का के नेतृत्व में चूहों पर प्रयोग करते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि मांसपेशियों के दर्द में सक्रिय एक प्रोटीन मांसपेशियों की थकान के लिए जिम्मेदार होता है। इसलिए दर्द और थकान का आपस में गहरा संबंध है।
नर और मादा चूहों पर अलग-अलग अध्ययन किए गए हैं। इन अध्ययनों में पाया गया कि जिन चूहों के शरीर में 'एएसआईसी-3' नामक प्रोटीन था वे मादा चूहों की तुलना में कम थके।
अमेरिकी जर्नल 'फिजियोलॉजी रेगुलेटरी' में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार एएसआईसी-3 प्रोटीन वाली मादा चूहों को जब 'टेस्टोस्टेरान हार्मोन' दिया गया तो उनमें थकान कम पाई गई। जिन मादा चूहों के शरीर में प्रोटीन नहीं था उन पर टेस्टोस्टेरान का कोई असर नहीं हुआ।
सुल्का ने कहा, "नर और मादा दोनों ही चूहों के शरीर में एएसआईसी-3 दर्द प्रोटीन और टेस्टोस्टेरान हार्मोन दोनों पर निर्भर करता है। इस अध्ययन से हमें दर्द और थकान से संबंधित गंभीर बीमारियों की दवा बनाने में मदद मिलेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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