तिब्बती प्रदर्शनकारियों के दिल्ली में जमा होने से तनाव बढ़ा (लीड)
नई दिल्ली/धर्मशाला/बीजिंग, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। ओलंपिक मशाल दौड़ से एक सप्ताह पूर्व ही राष्ट्रीय राजधानी में तिब्बती शरणार्थियों के जमा होने के साथ ही गहमागहमी शुरू हो गई है।
आगामी सप्ताह में देश भर से करीब पांच हजार तिब्बती शरणार्थियों के दिल्ली आ पहुंचने की उम्मीद जाहिर की जा रही है। दिल्ली में पहले ही करीब तीन हजार तिब्बती विद्यार्थी रहते हैं।
तिब्बती धर्मगुरु के निवास स्थान धर्मशाला से शुरू होने वाली 'मार्च टू तिब्बत' भी आज दिल्ली में समाप्त हुई।
यात्रा आयोजन के संयोजक लोबसांग येशी, जो कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली की तिब्बती बस्ती मजनू का टिल्ला में रहते हैं, का कहना है, "हमारी यात्रा आज समाप्त हो गई। हमने अभी तक कुछ पुख्ता योजना नहीं बनाई लेकिन हम मशाल दौड़ का विरोध करने का तरीका जरूर खोज लेंगे, हालांकि वहां भारी सुरक्षा इंतजाम होंगे।"
गौरतलब है कि भारत में तिब्बत के बाहर सबसे बड़ी संख्या में तिब्बती रहते हैं, इसलिए दिल्ली में लंदन और पेरिस से भी भारी विरोध प्रदर्शनों की उम्मीद की जा रही है।
तिब्बतन सॉलिडेरिटी कमेटी (टीएससी) के एक सूत्र के अनुसार दिल्ली के अतिरिक्त मुंबई, बंगलौर, कोलकाता और धर्मशाला में भी प्रदर्श आयोजित किए जाएंगे।
इधर पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी ने मशाल दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया है। अपने बयान में बेदी ने कहा, "मैं एक खिलाड़ी हूं। मैं मशाल लेकर एक कैदी की तरह नहीं दौड़ना चाहती।
मशाल लेकर दौड़ने का मतलब क्या है? इंडिया गेट को एक चिड़ियाघर क्यों बनाया जाए?"
इसके विपरीत भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने मशाल दौड़ के लिए नए धावकों के नाम घोषित किए हैं।
बुधवार को चीन दूतावास की भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications