चीनी की मिठास अभी और बढ़ेगी
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। महंगाई दर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले संभावित उपायों के मद्देनजर चीनी की कीमतों में इस सप्ताह 100 से 150 रुपये प्रति टन तक की कमी दर्ज की जा सकती है।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। महंगाई दर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले संभावित उपायों के मद्देनजर चीनी की कीमतों में इस सप्ताह 100 से 150 रुपये प्रति टन तक की कमी दर्ज की जा सकती है।
इसकी वजह कीमतों में और नरमी की संभावना को लेकर खरीदारों का खरीद से बाज आना है। चीनी निर्यात सौदों में आई कमी के मद्देनजर भी कीमतों में और गिरावट की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
इससे पूर्व केंद्रीय उद्योग व वाणिज्य मंत्रालय से बीते शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 22 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर तीन वर्षो के उच्चतम स्तर यानी 7 फीसदी तक पहुंच गई।
सोमवार को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भी चीनी में गिरावट का रुख रहा। कमजोर मांग व मिल मालिकों के द्वारा की गई जोरदार बिकवाली कीमतों में नरमी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार रहे।
कमोडिटी विशेषज्ञ मीनाक्षी शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि सरकार द्वारा अप्रैल के लिए मार्च की तुलना में ज्यादा चीनी का फ्री सेल कोटा जारी किये जाने के मद्देनजर मिल मालिकों द्वारा जमकर बिकवाली की गई।
इससे पूर्व सरकार ने अप्रैल- जून के लिए जारी तिमाही कोटे के तहत कुल 44 लाख टन चीनी जारी किया। अप्रैल के लिए कुल 17 लाख टन चीनी का आवंटन किया गया। मार्च के लिए 16 लाख टन चीनी जारी किया गया था। इसके अतिरिक्त सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए अतिरिक्त एक लाख 87 हजार टन चीनी जारी किया।
मुंबई के वाशी बाजार में एस ग्रेड-30 सोमवार को 14,850-15,280 रुपये प्रति टन बिकी। पूर्व सप्ताह के दौरान समान गुणवत्ता की चीनी 15,020-15,450 रुपये प्रति टन बिकी थी।
उधर सब्सिडी के संबंध में जारी अनिश्चितता और निर्यात सौदों में की जा रही धांधली के मद्देनजर निर्यात सौदों में कमी दर्ज की जा रही है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के महानिदेशक एस. एल. जैन के अनुसार 30 सितंबर को समाप्त हो रहे गन्ना वर्ष के दौरान देश में कुल 30 से लेकर 31 लाख टन चीनी का निर्यात हो सकता है जिसमें से कुल 28 लाख टन चीनी का निर्यात हो चुका है।
एक अक्टूबर से शुरू हुए फसल वर्ष के दौरान कुल 2.7 करोड़ टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। पिछले वर्ष कुल 2.8 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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