माया सरकार व जेलकर्मियों के बीच टकराव जारी
लखनऊ, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जेल के पद पर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर सरकार और जेल अधिकारियों व कर्मचारियों के संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक इस मसले का हल निकालने के लिए राज्य सरकार और जेल अधिकारी व कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी है।
जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभाग में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अथवा आईपीएस की तैनाती का विरोध करते हुए एक संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया है और एक दस सूत्रीय मांग पत्र सरकार को दिया है। इसमें कहा गया है कि यदि तीस अप्रैल तक उनकी मांगे नहीं मानी गई तो एक से 15 मई तक जेल विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
उत्तर प्रदेश जेल सुपरिटेंडेंट एसोसिएशन के सचिव एम. एल. प्रकाश ने आईएएनएस को बताया, "हमने तय कर लिया है कि अब हमें न तो आईएएस चाहिए और न आईपीएस। इतने दिनों से आईएएस के हाथ में बागडोर थी तो क्या हुआ।"
उन्होंने कहा कि मेरठ, लखनऊ और इलाहाबाद की जेलों में आईपीएस तैनात किए गए तो क्या नतीजा निकला। उन्होंने कहा कि अब हमें एक मौका मिलना चाहिए। हमारी समस्याएं दूर कर दी जाएं तो हम लोग अच्छी तरह जेल चलाकर दिखा देंगे।
उत्तर प्रदेश जेल सुपरिटेंडेंट एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश जेल एसोसिएशन द्वारा गठित संयुक्त संघर्ष समिति की अगली बैठक 15 दिनों बाद होगी। इसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जायेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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