एच-1 बी वीजा को लेकर 9 भारतीय कंपनियों से पूछताछ

वाशिंगटन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के दो सीनेटरों ने एच-1 बी वीजा का इस्तेमाल करने वाली 25 प्रमुख कंपनियों, जिनमें नौ भारतीय कंपनियां शामिल हैं, से उनके यहां कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की है। इन कर्मचारियों में से अधिकतर भारत से आते हैं।

वाशिंगटन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के दो सीनेटरों ने एच-1 बी वीजा का इस्तेमाल करने वाली 25 प्रमुख कंपनियों, जिनमें नौ भारतीय कंपनियां शामिल हैं, से उनके यहां कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की है। इन कर्मचारियों में से अधिकतर भारत से आते हैं।

पूछताछ में शामिल नौ भारतीय कंपनियां हैं विप्रो, सत्यम, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस, काग्निजांट टेक साल्युशंस, पाटनी कंप्यूटर सिस्टम, आई-फ्लेक्स साल्युशंस, लार्सरून एण्ड टूब्रो इंफोटेक लिमिटेड और म्फैसिस कापरेरेशन।

डेमोक्रेट सीनेटर डिक डर्बिन और रिपब्लिकन चक ग्रासली ने कंपनियों को लिखे अपने पत्र में कहा है कि एच-1 बी वीजा को अमेरिका में नौकरियां खत्म करने का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।

उन्होंने पत्र में कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस वीजे का दुरुपयोग न किया जाए। इसके कारण अमेरिकी कामगारों को अच्छी नौकरियां मिलने में परेशानी हो रही है।"

गौरतलब है कि यह वीजा कंपनियों को इस बात की छूट देता है कि वे विशिष्ट क्षेत्रों में काम करने के लिए विदेशों से कामगारों को बुला सकें।

पिछले वर्ष इन दोनों सीनेटरों ने 'एच-1बी और एल-1 वीजा धोखाधड़ी और दुरुपयोग निरोधक कानून' भी प्रस्तुत किया था।

गौरतलब है कि आउटसोर्सिग अमेरिका में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन रहा है। आउटसोर्सिग के तहत कंपनियां अपनी उत्पादन लागत कम करने के लिए अपने काम को कई हिस्सों में बांट कर उनका ठेका दे देती हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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