'अलजाइमर्स' के खतरे को बढ़ाता है अवसाद

वाशिंगटन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। सामान्य लोगों की तुलना में अवसाद से घिरे लोगों में 'अलजाइमर्स' (भूलने की बीमारी) बीमारी होने का खतरा अधिक होता है। एक नए अध्ययन में यह बात कही गई है।

रोटर्डम के इरासमस विश्वविद्यालय के चिकित्सा केंद्र के अनुसंधानकर्ता मोनिक एमबी रेटलर ने कहा कि यह अध्ययन 60-90 वर्ष के 486 स्वस्थ लोगों पर छह वर्षो तक किया गया। इनमें से 134 लोगों ने कभी न कभी अवसाद का अनुभव किया था। चिकित्सीय सलाह में उनमें से 33 लोगों में अलजाइमर्स के लक्षण पाए गए।

अध्ययन के निष्कर्ष में देखा गया कि अवसाद से घिरे लोगों को सामान्य लोगों की तुलना में अलजाइमर्स का खतरा ढाई गुना अधिक रहता है।

जर्नल 'न्यूरोलॉजी' के ताजा अंक में प्रकाशित निष्कषों के अनुसार जो लोग 60 साल की उम्र से पहले अवसाद से ग्रस्त होते हैं उनमें अलजाइमर्स का खतरा चार गुना अधिक रहता है।

अनुसंधानकर्ता मानिक मब्रेटलर ने कहा, "अभी हम ठीक से नहीं कह सकते कि अलजाइमर्स की बीमारी के लिए अवसाद ही जिम्मेदार हैं या फिर इसके कोई दूसरे कारण हैं। अभी हमें और अधिक अध्ययन की जरूरत है।"

एक अन्य सिद्धांत के अनुसार अवसाद से मस्तिष्क की कोशिकाओं को गंभीर क्षति होती है जो आगे चलकर अलजाइमर्स की बीमारी में बदल जाती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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