असंतुष्ट भारतीय गोदी कर्मचारियों को संयुक्त राष्ट्र का आसरा
न्यूयार्क, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। वाशिंगटन में भारतीय राजदूत के साथ अपनी मुलाकात से असंतुष्ट भारतीय गोदी कर्मचारियों ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) से मिलने की योजना बनाई है।
ये कर्मचारी उनसे गेस्ट वर्कर के रूप में आने वाले व्यक्तियों की मानव तस्करी के मामले में भारत और अमेरिका की भूमिका के प्रति अपना विरोध दर्ज करेंगे।
सिग्नल इंटरनेशनल नामक जहाज कंपनी के ये पूर्व कर्मचारी उच्चायुक्त को बताएंगे कि कैसे एच2बी वीजा की आड़ में दोनों देशों की सरकारें कंपनियों को लोगों को गुलाम बनाने के आधुनिक हथियार मुहैया करा रही हैं।
एच2बी वीजा दूसरे देशों से अमेरिका में अस्थाई रूप से काम करने आए श्रमिकों को जारी किया जाता है।
इससे पहले भारतीय राजदूत से बात करने के बाद इन कर्मचारियों ने कहा था कि उन्हें राज्यपाल से केवल आश्वासन ही मिला कोई हल नहीं।
इससे पहले मार्च में इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि उनके नियोक्ताओं ने उन्हें ग्रीनकार्ड दिलाने के नाम पर उनसे अतिरिक्त रकम वसूली लेकिन बाद उन्हें केवल थोड़े समय वाला कार्य वीजा ही जारी किया गया।
गौरतलब है कि ग्रीनकार्ड केवल उन विदेशी नागरिकों को जारी किया जाता है जिन्हें अमेरिका में स्थाई रूप से बसने की अनुमति दी जाती है।
सिग्नल इंटरनेशनल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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