'लिट्टे ने 12 देशों में पैठ बनाई'
वाशिंगटन, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) ने अमेरिका सहित बारह देशों में अपनी पैठ बना ली है।
अमेरिका के 'वाशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट में आज बताया गया है कि लिट्टे ने आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा एकत्र करने की मंशा से अपने कदम बढ़ाए हैं।
खबर में कहा गया है कि लिट्टे ने मैरीलैंड, न्यूयार्क और न्यू जर्सी सहित अनेक स्थानों पर अपनी पैठ बनाई है।
लिट्टे इस पैसे से ऑटोमैटिक राइफलें, ग्रेनेड लांचर, असलहा, विस्फोटक, विमानभेदी बंदूकें और अन्य फौजी साजो-सामान खरीदता है।
अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के अनुसार लिट्टे की आतंकी नीतियों ने विश्व के अनेक आतंकवादी गुटों को प्रेरित किया है जिनमें इराक में मौजूद अल कायदा भी है।
एफबीआई की सूचना के आधार पर कहा गया है कि लिट्टे के अनेक कर्मचारी भिन्न संस्थाओं की आड़ में चंदा एकत्र करते हैं।
सूचना के अनुसार 2004 में सूनामी हमले के बाद लिट्टे द्वारा श्रीलंका में काफी बड़ी मात्रा में चंदा एकत्र किया गया था।
गौरतलब है कि इस जनवरी में अमेरिका के मैरीलैंड में एक श्रीलंकाई थिरुनावुकरासू वराथरासा को लिट्टे के लिए हथियार और असलहा मुहैया कराने के आरोप में 57 माह की कैद की सजा सुनाई गई थी।
एफबीआई के प्रवक्ता रिचर्ड कोल्को ने एक बयान में कहा है, "उनका (लिट्टे) संस्थान बहुत पुख्ता है, लेकिन कुछ समय से हमने उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया है।"
उन्होंने कहा अमेरिका में लिट्टे अधिक से अधिक पैसा इकट्ठा करना चाहता है।
कोल्को के अनुसार अमेरिका में लिट्टे द्वारा हमले की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वह कहते हैं लिट्टे का अमेरिकी अभियान 'संभवत: एक प्रयोग' है। उनके अनुसार यह समूह काफी तेजतर्रार है और अपनी गलतियों से सीख लेता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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