राजस्थान में वन सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को मानदेय पर विचार
जयपुर, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि उदयपुर का सज्जनगढ़ जैविक पार्क बन जाने से यह पर्यटन के मानचित्र पर पुन: उभर जाएगा। उन्होंने कहा कि वनों की सुरक्षा एवं संवर्धन हम सभी का दायित्व है इसीलिए सभी सरकारी भवनों एवं स्कूलों के परिसरों में वृक्षारोपण कर उसे हराभरा करने के प्रयास करने चाहिए।
गुलाबचंद ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभयारण्यों के विकास के कार्य को समयबद्ध रूप से पूरा करें। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कह कि राज्य स्तर पर वनों को संरक्षित एवं सवंर्धन करने में लगे लोगों और ग्रामीणों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए ताकि लोग वन सुरक्षा एवं संवर्धन पर और अधिक ध्यान दें।
वह शनिवार को उदयपुर के सज्जनगढ़ अभ्यारणय में 14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले जैविक उद्यान के शिलान्यास समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री प्रतापसिंह सिंघवी ने कहा, "वनों की सुरक्षा के लिए साढ़े पांच हजार रुपये प्रति माह के मानदेय पर ग्रामीणों की सेवाएं लेने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।"
उन्होंने सज्जनगढ़ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पार्क के बन जाने से गुलाब बाग के जन्तुआलय में रह रहे जीव जन्तुओं को प्राकृतिक वातावरण मिल सकेगा। इससे उदयपुर के पर्यटन में वृद्धि होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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