उज्जैन में नवसंवत्सर का जोरदार स्वागत
उज्जैन, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। राजा विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन में नवसंवत्सर की पहली सुबह का परंपरागत तरीके से स्वागत किया गया। सूर्योदय होते ही क्षिप्रा नदी का तट मंत्रोच्चारण, आरती और शंख की ध्वनि से गूंज उठा। यहां मैजूद हर किसी ने सूर्य को अघ्र्य देकर नई सुबह का स्वागत किया।
क्षिप्रा नदी के तट पर सुबह पांच बजे से ही लोगों की भीड़ जमा होने लगी थी क्योंकि आज विक्रम संवत के नए संवत्सर की पहली सुबह जो थी। इस नगरी के राजा विक्रमादित्य ने ही इस संवत की शुरूआत की थी। क्षिप्रा नदी के राम घाट पर हाथों में कलश लिए लोग कतारबद्घ खडे थे। जैसे ही सूर्य उदय हुआ सभी ने अघ्र्य देकर स्वागत किया और आरती उतारी तथा पूजन किया। जहां ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद शंकर व्यास के नेतृत्व में लोग मंत्रोच्चारण कर रहे थे वहीं ढाल, शंख और भारतीय वाद्य यंत्रों की धुनें गूंज रहीं थीं।
नए साल के स्वागत में सभी ने मंगल गीत गाए और एक दूसरे को कुमकुम व चंदन का टीका लगाकर मंगल कामना की तथा नए वर्ष की शुभकामनाएं दी। सुबह का राम घाट का नजारा ही निराला था। एक ओर से जहां सूर्य अपनी लालिमा बिखेर रहा था तो दूसरी ओर प्रज्जवलित दीपक और श्लोक व मंगल गीत गूंज रहे थे। इस मौके पर मध्य प्रदेश शासन के उच्च व स्कूली शिक्षा राज्य मंत्री पारस जैन, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति राम राजेश मिश्रा सहित मंदिरों के पुजारी और शहरवासी मौजूद थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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