उप्र में रबी फसल चैपट, सरकार ने मांगा नुकसान का लेखा-जोखा
लखनऊ, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तीन दिन के भीतर हुई बेमौसम बारिश और ओलों ने खेतों में तैयार रबी फसल को व्यापक पैमाने पर क्षति पहुंचाई है। इससे एक तरफ किसानों की कमर टूट गई है तो दूसरी तरफ पैदावार कम होने से महंगाई बढ़ने की आशंका है।
प्रदेश में जहां खरीफ की फसल सूखे की भेंट चढ़ गई थी वहीं रबी की फसल की बर्बादी का कारण बनी है बेमौसम बरसात। राज्य सरकार ने हर जिले से फसलों की बर्बादी का लेखा जोखा मांगा है। कृषि विभाग के संयुक्त सचिव मुकेश गौतम के कहा, "प्रारंभिक स्तर पर जो सूचनाएं मिली हैं उनके अनुसार 40 से 60 फीसदी फसलें बरबाद हुई हैं। लखनऊ, मेरठ और कानपुर मंडल में बारिश ने सर्वाधिक तबाही मचाई है।"
गेहूं के साथ दलहन और तिलहन सहित अन्य फसलें भी इस बेमौसम बरसात की भेंट चढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक के. बी. त्रिवेदी का मानना है कि इस बारिश से गेहूं सहित सरसों और चना सहित अन्य दलहन और तिलहन के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
फसलों की बर्बादी की वास्तविक क्षति का पता लगाने के लिए सरकार ने कृषि विभाग को विस्तृत सर्वे के निर्देश दिए हैं। संयुक्त सचिव ने कहा कि विभाग बारिश से हुई वास्तविक क्षति का पता लगाने के लिए सर्वे करने का काम शुरू कर चुका है और जल्द ही वह सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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