अमरीकी अर्थव्यवस्थ की मंदी पर चिता जतायी जी.सात देशों ने

टोक्यो 09 फरवरी .रायटर . दुनिया के सात विकसित देशों के मंच समूह सात .जी.सात. के वित्त मंत्रियों ने अमरीकी गृह रिण बाजार के ध्वस्त होने पर चिंता व्यक्त करते हुए आज कहा कि इससे विश्व अर्थव्यवस्था को भी आघात पहंुचा है तथा रिण बाजार के संकट में फंसे बैंकों के लिये ब्याज दर में कटौती जैसे कदमों से स्थिति और बिगडने की आशंका है

धनी देशों के वित्त मंत्रियों को उम्मीद है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था 2008 में मंदी में जाने से बच सकती है लेकिन वैश्विक वृदि्ध दर को बचाये रखने तथा तथा बाजार की मजबूती बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है1 जी.7 के इस सम्मेलन में इन देशों के केन्द्रीय बैंकों के प्रमुख भी शामिल हुये

सम्मेलन में कई देशों का कहना था कि चीनी मुद्रा युआन के कमजोर होने के कारण चीन व्यापार में गलत लाभ उठा रहा है1 इन देशों से चीन से अपनी विनिमय दर ठीक करने की मांग करते हुए कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में संतुलन के लिए उसे घरेलू निवेश बढाना चाहिए1 इन देशों ने तेल निर्यातक देशों से कच्चे तेल का उत्पादन बढाने को कहा1 अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पिछले माह रिकार्ड 100 डालर प्रति बैरल पर पहंुच गयी थी

जी.सात के अक्टूबर में जारी घोषणापत्र में जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था के लगातार पांचवें वर्ष मजबूत होने की बात कहीं गयी थी वहीं आज अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को अपेक्षाकृत ज्यादा चुनौतीपूर्ण तथा अनिश्चित माहौल वाला बताया गया1 आज के घोषणापत्र में वैश्विक आर्थिक विकास दर में जोखिम की पहचान. अमरीकी आवास बाजार में मची उथल.पुथल. रिण की कटौती और वित्तीय बाजार में लम्बे समय से जारी उथल.पुथल का जिक्र किया गया1 फिलहाल हर देश को उसकी जरूरत के अनुसार उचित वित्तीय एवं मौद्रिक उपाय करने को कहा गया

घोषणा पत्र में अमरीकी और यूरोपीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती से उत्पन्न संकट को गंभीर मुद्दा माना गया है पर इस पर इस मुद्दे के समाधान की बात फिलहाल अप्रैल तक के लिए टाल दी गयी है

नीलिमा मनोहर जगबीर1946जारी रायटर

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