रूपये के मजबूत होने से निर्यात मुनाफे में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि
नयी दिल्ली 07 फरवरी .वार्ता .रूपये के मजबूत होने से निर्यात में कमी की आशंकाआे के विपरीत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल का कहना है कि इससे भारतीय कंपनियो का लाभांश बढेगा और दीर्घकालिक अवधि में मुनाफा 12 ..15 प्रतिशत तक बढ सकता है क्योंकि निर्यातक अपनी क्षमता में विस्तार के लिए नयी तकनीक भी सस्ते मे आयात कर रहे हैं
एसोचैम का कहना है कि रूपये के मजबूत होने का संतुलित पक्ष यह है कि इससे न सिर्फ आयात की लागत कम हुई है बल्कि भारतीय कंपनियों को अपनी विनिर्माण क्षमता में विस्तार के लिए उन्नत तकनीक भी सस्ते में आयात कर रहे हैं 1इसका परिणाम यह हुआ है कि भारतीय कंपनियां तेजी से अपनी क्षमता में विस्तार कर रही हैं जिससे लम्बे समय बाद विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय निर्यातक पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनकर उभरेंेगे 1 एसोचैम के अध्यक्ष वेणुगोपाल एम धूत ने कहा कि रूपये के मजबूत होने से जिन क्षेत्रों को फायदा होगा उनमें पेट्रो .पेट्रो उत्पाद .इंजीनियरिंग उत्पाद .रत्न एवं आभूषण .दवा और फर्मास्यूटिकल कंपनियां शामिल हैं क्योंकि इन क्षेत्रों की कंपनियों ने क्रमश: 77.18प्रतिशत .21.55प्रतिशत .92.44प्रतिशत और 19.41 प्रतिशत का सामान आयात किया
एसोचैम का कहना है कि यदि भारतीय कंपनियां अपनी क्षमता में विस्तार कर लेती हैं तो लम्बे समय बाद उन्हें फायदा होगा क्योंकि विकसित देशो में भारतीय उत्पादों की मांग में कोई कमी नहीं होने जा रही है
इसके अलावा वित्त .लेनदेन की लागत .दस्तावेजों का सरलीकरण और बेहतर ढांचागत सुविधाओं के विकास को भी ध्यान में रखना होगा 1रूपये की मजबूती के बावजूद निर्यात की विकास दर तेज बनी हुई है
नीलिमा शिशिर लखमी191
वार्ता












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