दलाई लामा को सम्मानित किये जाने पर तिब्बतियों में खुशी
देहरादून 17 अक्टूबर .वार्ता. तिब्बतियों के 14वें गु दलाई लामाको अमरीकी सरकार द्वारा उच्चतम ..कांग्रेशनल स्वर्ण पदक.. प्रदान करसम्मानित किये जाने की खुशी में आज यहां उत्तराखंड में रह रहेनिर्वासित तिब्बती समुदाय ने रैली निकाली और नाच गाकर जश्न मनाया
उत्तराखंड तिब्बती समुदाय के कल्याण अधिकारी दामदुल ने बताया कि गु दलाई लामा को तिब्बत की समस्या सुलाने के लिएशांतिपूर्वक और मानवाधिकारों को सुरक्षित रखने के प्रयासों के स्वरुप अमरीकी हाऊस आफ रिप्रेजेन्टेटिव द्वारा पिछले महीने प्रस्ताव पारित कर आज 17 अक्टूबर को अमरिक ी उच्चतम कांग्रेशनल स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किये जाने का फैसला लिया गया था1 इसी खुशी में आज तिब्बतियो ने यहां रैली निकाली आेैर आमजन को मिठाई बांटी1 राज्य में अलग अलग स्थानो पर रह रहे तिब्बती समुदाय और तिब्बती बोैध मठो के भिक्षु भिक्षुणी तथा स्कूली बच्चों न ेसुबह यहां परेड ग्राउन्ड से शहर के विभिन्न भागों से होते हुए रैली निकाली और रास्ते में आम जनता को मिठाई वितरित की1 बाद में परेड मैदान में इन लोगों ने याकडांस सहित अपने परम्परागत नृत्य किये और गीत गाये
श्री दामदुल ने बताया कि गु दलाई लामा को शंातिपूर्वक संघर्ष और अंहिंसा के लिए अनेको बार विश्व में सम्मानित किया गया है जिनमेेविशेष प से नोबलपीस प्राइज द्वारा पुरस्कृ त किया जाना शामिल है1 उन्होंने बताया कि गु दलाई लामा को तेज्नि ग्यालछो अर्थात ज्ञान के सागर के प में विश्व में जाना जाता है1 वह तिब्बत के प्रमुखबौधिस्तवा दयाभाव सन्त है 16 जुलाई 1935 को तिब्बत के आम दो भाग के एक छोटे से गांव में किसान परिवार में जन्में गु दलाई लामा ने छह वर्ष की उम्र में मठ की दीक्षा ली आेैर गेशे ल्हारम्पा जोकि बौध दर्शन के डायरेक्टरेट की उपाधि है प्राप्त की1 1950 में चीनी अतिक्रमण सेपूर्व गु लामा को तिब्बत की राजनीतिक जिम्मेदारी सौप दी गयी1 चीन द्वारा तिब्बत पर जबरन कब्जा किये जाने से रोकने के लिए वह पेइचिंग गये और चीनी नेताआे से शंातिवार्ता की लेकि न चीन ने 1959 में तिब्बत पर अतिक्रमण कर लिया जिसके कारण दलाई लामा और उनके समर्थकों ने भारत में शरण ली1 दलाई लामा तब से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्षेत्र में रह रहे है1 शशि शिववीरेन्द्र1546वार्ता









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