वन अधिकार कानून पर अमल की मांग
नयी दिल्ली 17 अक्टूबर .वार्ता. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रधानमंत्री से आदिवासियों की बेदखली की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने और वन अधिकार कानून अमल के लिये तत्काल अधिसूचना जारी करने की मांग की है
भाकपा के राष्ट्रीय सचिव तथा राज्यसभा में पार्टी के नेता डी. राजा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखकर पिछले साल पारित उक्त कानून के क्रियान्वयन के लिये दस महीने बीत जाने के बाद भी अधिसूचना जारी करने में विफलता पर सरकार को आडे हाथों लिया है और ध्यान दिलाया है कि किस तरह निहित स्वार्थी तत्व इस कानून का मसौदा बनने से लेकर अब इस पर इस या उस बहाने अमल रोकने तक में रोडे अटकाते रहे हैं1 कल लिये गये इस पत्र की प्रति कांग्रेस नीत सत्तारुढ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की प्रमुख सोनिया गांधी को भी दी गयी है
श्री राजा ने आरोप लगाया है कि अनुसूचित जनजातियों और आदिवासियों को उनकी पारंपारिक वन भूमि का मालिकाना हक देने संबंधी वन अधिकार कानून की अधिसूचना जारी होने में देरी का फायदा उठाकर राजस्थान. मध्यप्रदेश. छत्तीसगढ तथा गुजरात में आदिवासियों को तेजी से वनों. जंगलों से बाहर निकाला जा रहा है1 पत्र में कहा गया है कि राजस्थान में लोग गिरफ्तार किये जा रहे हैं. उनके ठिकाने नष्ट किये जा रहे हैं. उनकी खडी फसलें जलाकर स्वाहा की जा रही हैं1 राजस्थान में अकेले सिरोही जिले में पिछले दो महीने में ही 500 से अधिक परिवारों को बेदखली का नोटिस जारी किया जा चुका है1 रिपोटोर्ं के अनुसार छत्तीसगढ के दांतेवाडा जिले में 24 गांव खाली कराये जा चुके हैं1 गुजरात में भी ऐसी ही बेदखली चल रही है और मध्यप्रदेश. उडीसा जैसे राज्योंमें भी आदिवासियों को भारी दमन तथा बर्बर हिंसा का शिकार होना पड रहा है
राजेश.सत्या.समरेंद्रसुनील1526जारी वार्ता









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