पांच हजार गांवों में किसान भागीदारी कार्य शोध कार्यक्रम शुरु
नयी दिल्ली 17 अक्तूबर.वार्ता. केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री प्रो. सैफुद्दीन सोज ने कहा है कि जल संसाधनों के विकास और प्रबंधन के लिये व्यापक एवं एकीकृत नियोजन का उद्देश्य केवल तभी हासिल किया जा सकता है जब सभी भागीदार एकजुट होकर प्रयास करें
प्रो. सोज आज यहां जल एवं पर्यावरण 2007. संपन्नता एवं उत्तरकालीनता के वास्ते जल एवं पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिये दसवीं अंतरक्षेत्रीय परिषद में बोल रहे थे1 उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना बहुत जरुरी है और विकास की प्रक्रिया को स्थायित्व के बुनियादी नियम का पालन करना चाहिये1 उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण अनेक दुष्प्रभाव हुए है1 निश्वित रुप से यह वांछनीय नहीं है
प्रो. सोज ने कहा.. हमारी जल नीति जल संसाधनों के स्थायी विकास के महत्व पर जोर देती है और यह बताती है कि जल अपर्याप्त है और सामाजिक..आर्थिक पहलुओं एवं राज्यों की जरुरत के मद्देनजर एकीकृत पर्यावरण के अनुकूल ठोस आधार पर ऐसे अमूल्य राष्ट्रीय संसाधन का नियोजन. विकास. संरक्षण और प्रबंधन करना चाहिये1.प्रमोद समरेन्द्र अजय जगबीर1900जारी वार्ता












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