राष्ट्रीय. जल संसाधन. प्रो सोज.दो अतिम नयी दिल्ली..
ोज.दो अतिम नयी दिल्ली.. प्रो. सोज ने कहा कि हम प्रकृति के अत्यधिक प्राचीन उपहार यानी पानी से सवोत्तम फायदा उठा सकते है तथा केवल आपसी सहयोग के जरिये नियोजन एवं प्रबंधन में एकीकृत नजरिया अपनाकर अपनी भावी पीढियों के लिये भी फायदे सुनिश्चित कर सकते है1 उन्होंने कहा कि भूमिगत पेयजल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है1 भूजल सिंचाई के उद्देश्यों के लिये भी इस्तेमाल किया जा रहा है1 उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में भूमिगत जल के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण भूमिगत जल नीचे चला गया है1 जिसके कारण जल की गुणवत्ता भी खराब हो गयी है
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि सरकार ने करीब पांच हजार गांवों में किसान भागीदारी शोध कार्यक्रम भी शुरु किया है तथा प्रत्येक बंूद पानी से अधिक फसल और आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक गांव में .पानी पुरुष. और .पानी महिला. को प्रशिक्षण देने की पहल की है जिससे जल संसाधनों के विकास में सभी की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके
प्रमोद सत्या अजय जगबीर1904वार्ता












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