Success Story Yash Sonkia: 8 साल की उम्र में आंखों की रोशनी खो दी, बीटेक करते ही मिली 47 लाख पैकेज की नौकरी
कोई अपनी कमियों के कारण हार मान जाते हैं वहीं कुछ ऐसे लोगे होते हैं जो अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाकर नया इतिहास रचते हुए नई मिसाल पेश करते हैं।
आज हम आपको ऐसे ही शख्स से मिलवाने जा रहे हैं जिसने अपनी कमी को अपनी कमजोरी नहीं अपनी ताकत बनाकर नया सफलता की नई दास्तां लिख डाली है।

ये प्रेरणादायक कहानी यश सोनकिया की है जिन्होंने 8 साल की उम्र में अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बीटेक किया।बीटेक करते की लाखों की पैकेज वाली नौकरी हासिल की तो उन्होंने सबको हैरान तो किया ही साथ लोगों के लिए प्रेरणादाय बने।
साधारण से कॉलेज से बीटेक कर हासिल करते ही मिला नौकरी का ऑफर
आईआईटी, एनआईटी से नहीं एक साधारण से कॉलेज से इंजीनियरिंग की और रिकार्ड तोड़ पैकेज की नौकरी हासिल की है
8 साल की उम्र में चली गई थी आंखों की रोशनी
ग्लूकोमा के चलते यश सोनाकिया ने महज 8 साल की उम्र में अपनी आंखों की रोशनी पूरी तरह खो दी लेकिन उन्होंने इंजीनियर बनने का जो सपना देखा था उसे पूरा करने के लिए पूरी शिद्दत से जुट गए। सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने में माता-पिता ने उनका साथ दिया।
5वीं तक स्पेशल स्कूल में की पढ़ाई
यश ने स्पेशल स्कूल वाले बच्चों के स्कूल से कक्षा 5 तक की पढ़ाई की। उसके बाद उनका रेगुलर स्कूल में एडमीशन करवाया गया।
आंखेंं नहीं होने के बावजूद कैसे की पढ़ाई
दृष्टिबाधित होने के कारण यश ने पढ़ाई के लिए स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया। बीते साल बीटेक की पढ़ाई पूरी करते ही माइक्रोसॉफ्ट से भारी वेतन वाली नौकरी का ऑफर दिया था।
47 साल की नौकरी का ऑफर
25 साल की उम्र में 2021 में श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (SGSITS) से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। एक साल बाद 47 लाख रुपये के पैकेज पर माइक्रोसॉफ्ट की ओर से नौकरी का ऑफर मिला।












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