Women's Day: '5 दिन में दो बार एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा', मिलिए देश की जांबाज बेटी से
Women's Day spl Anshu Jamsenpa story: 8 मार्च 2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) पर जब पूरा देश भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों और संघर्षों को सलाम कर रहा है। इस मौके पर भारत की जांबाज बेटी अंशु जामसेनपा (Anshu Jamsenpa) की प्रेरणादायक सफलता की कहानी वनइंडिया आप शेयर करने जा रहा है।
अंशु जामसेनपा ने मात्र 5 दिनों के भीतर दो बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर शिखर पर तिरंगा फहराने का कीर्तिमान रचा है। माउंट एवरेंस्ट पर 5 दिन के अंदर दो बार चढ़ने वाली अंशु जामसेनपा पहली भारतीय महिला होने का गौरव प्राप्त है। एक ऐसी उपलब्धि जिसकी बराबरी अभी तक दुनिया की कोई भी महिला नहीं कर पाई है।

अरुणाचल प्रदेश की अंशु जामसेनपा ने पर्वतारोहण करियर की शुरुआत 2009 में की जब वो एक दो बेटियों की मां थीं। कई चुनौतियों और सामाजिक बाधाओं के बावजूद उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प के बलबूते दुनिया की सबसे ऊंची पहाड़ी चोटी पर एक नहीं पांच बाद चढ़ने का कीर्तिमान रचा है।
अंशु जामसेनपा कम उम्र में बन गई थी 2 बेटियों की मां
पद्मश्री सम्मान से सम्मानित हो चुकी अंशु जामसेनपा जब स्कूल में पढ़ाई कर रही थी तभी उनकी शादी कर दी गई और बहुत कम उम्र में दो बेटियों की मां बन गईं। 2008 में उनके शहर में माउंटेनियर का कैंप लगा जिसमें उन्होंने कई प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, तब वहां पर लोगों ने अंशु की फुर्ती और जज्बा देखकर पर्वतारोही बनने की सलाह दी और ये ही अंशु की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट था।
पर्वतारोही बनने के लिए अंशु जामसेनपा दी ये कुर्बानियां
अंशु के पति आए दिन विदेश यात्रा पर रहते थे इसलिए दोनों बेटियों की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी, इसलिए पति के सपोर्ट से अपने दिल पर पत्थर रखकर दोनों बेटियों को हॉस्टल में डाला और खुद माउंटेनियर बनने की सख्त ट्रेनिंग शुरू कर दीं। माउंटेनियर बनने का सपना पूरा करने के लिए अंशु ने अपनी जमीन तक बेच डाली।
मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा
मीडिया को दिए इंटरव्यू में अंशु ने बताया "मेरी यात्रा 2010 में शुरू हुई। शुरुआत में, मुझे कोई सपोर्ट नहीं मिला, लेकिन मैंने धीरे-धीरे अपनी मेहनत से अपने परिवार को मना लिया। उस समय, मुझे ये भी नहीं पता था कि पर्वतारोहण क्या होता है? लेकिन एक बार जब मैं इससे परिचित हो गई, तो मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।"
अंशु जामसेनपा का मानना है कि दृढ़ विश्वास और सच्चा सशक्तिकरण भीतर से आता है। उन्होंने कहा "यदि आप आत्मविश्वासी हैं और यदि आप खुद पर विश्वास करते हैं, तो आप सशक्त हैं।"
पर्वतारोही अंशु जामसेनपा ने रचा है ये कीर्तिमान
- 2011 में पहली बार एवरेस्ट पर चढ़ाई की और वह भी दो बार, सिर्फ 10 दिनों के भीतर, जो उस समय नेशनल रिकॉर्ड बनाया।
- पर्वतारोही अंधु जामसेनपाजामसेपा ने अपना दूसरा अभियान 2013 में शुरू किया एक बार फिर माउंट एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया
- इसके बाद 2017 में फिर दो बार एवरेस्ट फतह किया। 2017 में महज 5 दिन के ड्यूरेशन में दो बार एवरेस्ट फतह किया और विश्व रिकॉर्ड बनाया।












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