कांपते हाथों से प्रोफेशनल फोटोग्राफर बना ये शख्स, दुर्लभ बीमारी से है पीड़ित पर नहीं छोड़ी जिद्द
अक्षय विल्सन सिंड्रोम नामक एक दुर्लभ बीमारी से ग्रसित हैं। ये एक अनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी की वजह से लोगों का शरीर कांपता है। अक्षय परांजपे का भी शरीर कांपता है।

Who is Akshay paranjape: वो कहते हैं ना 'अगर किसी भी चीज को पूरी शिद्दत से चाहो तो सारी कायनात तुम्हें उससे मिलाने में जुट जाती है।' ये बात भले ही फिल्मी हो लेकिन असल जिंदगी में भी ऐसा हो सकता है। ऐसा ही हुआ है कुछ अक्षय परांजपे के साथ। अक्षय परांजपे एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर हैं। उन्होंने अभिनेताओं से लेकर नेताओं तक की कई फोटो खीचीं हैं। लेकिन अक्षय परांजपे का एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनने का सपना इतना आसान नहीं था। अक्षय विल्सन सिंड्रोम (Wilson disease) नामक एक दुर्लभ बीमारी से ग्रसित हैं। ये एक अनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी की वजह से लोगों का शरीर कांपता है। अक्षय परांजपे का भी शरीर कांपता है, वह कांपते हुए हाथों से प्रोफेशनल फोटोग्राफ बने हैं।

'मैंने अपनी हालातों की वजह से कभी कोई मौका...'
अक्षय परांजपे ने अपने एक बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बताया था, ''ऐसा कभी नहीं हुआ था कि मुझे अपनी हालातों की वजह कोई मौका ना मिला हुआ है। मैंने बीमारी की वजह कभी कोई अहम मौका नहीं गंवाया है। मुझे अपने जीवन के खूबसूरत मौकों को कैमरे में कैद करना अच्छा लगता है। मुझे फोटोग्राफी का शौक दादा से मिला है।''

पुणे में अक्षय परांजपे का है स्टूडियो
बीबीसी को दिए अपने इंटरव्यू अक्षय परांजपे ने बताया था कि वह कई बार कॉलेज जाने के बजाय रत्नागिरी के आस पास दिनभर फोटोग्राफी करते थे। फिलहाल अक्षय परांजपे 27 साल के हैं और पुणे में उनका एक अपना स्टूडियो भी है। अक्षय परांजपे प्रोडक्ट फोटोग्राफी, प्री वेडिंग शूट और फैशन फोटोग्राफी करते हैं।

फिल्मी सितारों को भी शूट किया है अक्षय परांजपे ने
बता दें कि अक्षय परांजपे ने फिल्मी सितारों का भी फोटोशूट किया था। अक्षय परांजपे ने चिन पिलगांवकर, विक्रम गोखले, मोहन जोशी, संदीप खरे, शिल्पा तुलसकर, लोकेश गुप्ते समेत कई फिल्मी सितारों का फोटोशूट किया है। इसके अलावा अक्षय परांजपे लाइव इंवेंट में भी फोटोशूट करते हैं।

विल्सन सिंड्रोम के बारे में 2011में मिली थी जानकारी
अक्षय बताते हैं कि विल्सन सिंड्रोम के बारे में जानकारी उनको साल 2011 में मिला था। उस वक्त उनकी उम्र 11 साल थी। इस बीमारी की वजह से अक्षय के लीवर और मस्तिष्क प्रभावित हुए। तीन सालों तक अक्षय बेड पर ही रहे थे। बेड रेस्ट के दौरान वह अपना कोई भी काम नहीं कर पाते थे। परिवार वाले ही उनका सारा काम करते थे।
बता दें कि डॉक्टरों का कहना है कि विल्सन सिंड्रोम में कई लोगों के लिए जिंदा रहना भी मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी में 70 फीसदी लोग बच नहीं पाते हैं। ऐसे में अक्षय ने इस बीमारी से सिर्फ लड़ाई ही नहीं लड़ी बल्कि इसको मात देकर अपना सपना भी पूरा किया है।












Click it and Unblock the Notifications