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Motivational Story: पिता के विभाग में वरिष्ठ अधिकारी बना बेटा, बचपन से आयुष का था एक ही सपना

Motivational Story Of Officer: एक कहावत है कि बच्चा जिस माहौल में परवरिश पाता है, उसी परिवेश में वह अपने कैरियर को भी तलाशना शुरू कर देता है। बचपन से गोल सेट कर लेता है कि बड़े होकर क्या करना है। एक पिता की भी यही चाहत होती है कि, उनका बेटा उनसे ज़्यादा नाम रोशन करे।

कुछ इसी तरह की कहानी बिहार के सीतामढ़ी के लाल आयुष कुमार की है। उसकी कामयाबी से ना सिर्फ़ पिता का सीना गरव से चौड़ा हुआ है, बल्कि परिवार के लोग समेत जिले के लोग खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आयुष ने युवाओं के लिए शानदार मिसाल पेश किया है।

Success Story Son became senior officer in father s department Ayush had one dream since childhood

अब आप सोच रहे होंगे कि आयुष की कामयाबी कहानी क्या है, किस क्षेत्र में उन्होंने परचम लहराया और पिता के विभाग में ही उनसे बड़ा अधिकारी बन गया। चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है। सीतामढ़ी जिला के आज़मगढ़ गांव निवासी गणेश कुमार वारंट ऑफिसर हैं (जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर में दूसरी सबसे बड़ी रैंक है)।

गणेश कुमार के पुत्र आयुश कुमार विभाग में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर (फाइटर पायलट का पद) पर ज्वॉइन किया है, जो कमीशन्ड रैंक है। इस पद पर एयरक्राफ्ट पायलट अधिकारी के साथ ही ग्राउंड ड्यूटी पर तैनात अधिकारी और एयर क्रू अधिकारी भी होल्ड कर सकते हैं।

आपको बता दें कि फाइटर पायलट (लड़ाकू पायलट) सैन्य एविएटर है, जिसे लड़ाकू विमान के कॉकपिट (हवा से हवा में लड़ाई, हवा से जमीन पर लड़ाई और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध) में शामिल होने के लिए ट्रेंड किया जाता है। गणेश कुमार अपने बेटे आयुष की कामयाबी से बहुत खुश हैं।

ज्योति बाला (आयुष की मां) ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया एयर फोर्स कैंप में ही कि आयुष का जन्म हुआ। पांच साल से ज्यादा वक्त तक वह कैंप में ही रहा, बचपन से ही वह पायलट बनने सपना संजो रहा था। हमेशा से कहता था कि मैं पापा से बड़ा अफसर बनूंगा। वह बचपन से ही पढ़ने में तेज़ था।

ज्योति ने कहा कि साल 2007 में शिक्षिका की नौकरी लगने के बाग वह अपने बेटे के साथ डुमरा (सीतामढ़ी) आ गई थी। आयुष की शुरुआती पढ़ाई डीएवी स्कूल सीतामढ़ी में हुई। शुरुआती दौर से आयुश प्रारंभिक विद्यालय से लेकर सैनिक स्कूल तक मेडलों पर कब्ज़ा जमाते रहा है।

डीएवी से पढ़ाई करने के बाद उसने सैनिक स्कूल (नालंदा) से पढ़ाई की। एनडीए में कामयाबी हासिल करने के बाद 15 जून को बतौर फ्लाइंग ऑफिसर ज्वाइनिंग हुई। आपको बता दें कि आयुष की मां ज्योति बोहा प्राइमरी स्कूल (बाजपट्टी प्रखंड, सीतामढ़ी) में बतौर शिक्षिका कार्यरत हैं।

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