Ishwar Gurjar: बैक बेंचर ईश्वर गुर्जर की 10वीं में फेल होने से लेकर UPSC क्रैक करने तक की Success Story
ईश्वर गुर्जर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गांव के रहने बाडिया के रहने वाले हैं। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 644वीं रैंक हासिल की।

UPSC Topper Ishwar Gurjar Motivation Story in Hindi: आपका भविष्य कागज का एक टुकड़ा (मार्कशीट) तय नहीं कर सकता। इस बात का उदाहरण हैं ईश्वर गुर्जर। ये 10वीं में फेल हुए। बैक बेंचर थे। फिर ऐसा कम बैक किया कि संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा 2022 परीक्षा ही क्रैक कर डाली। तीन बार की असफलता भी ईश्वर का हौसला नहीं तोड़ पाई।
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आईएएस, आईपीएस व आईएफएस सरीखे अफसर बनाने वाली यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले ईश्वर गुर्जर की सक्सेस स्टोरी कई मायने में खास है। ये राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के भांबरा का बाडिया के रहने वाले हैं। यूपीएससी में 644वीं रैंक हासिल करने वाले ईश्वर गुर्जर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पिता सुवालाल गुर्जर किसान हैं। मां सुखी देवी हाउसवाइफ हैं। पिता ने खेती करके बेटे ईश्वर को पढ़ाया।

बेटा ईश्वर स्कूल बैक बेंचर हुआ करते थे। साल 2011 में ईश्वर दसवीं कक्षा में फेल हो गए थे। पढ़ाई छोड़ने का मन बनाया। तब पिता ने समझाया कि जिंदगी में असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए। दसवीं की दुबारा परीक्षा दी। फिर 12वीं में 54 प्रतिशत अंक हासिल किए।
ईश्वर गुर्जर ने अजमेर के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से बीए की डिग्री ली। साल 2019 में थर्ड ग्रेट टीचर बने और पास के ही गांव रूपरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में ज्वाइन किया। बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी करने लगे।
साल 2022 में ईश्वर गुर्जर चौथे प्रयास में पास हुए हैं। इससे पहले साल 2019 में यूपीएससी की प्री भी पास नहीं कर पाए। साल 2020 में इंटरव्यू तक पहुंचे। साल 2021 में भी फेल हो गए। तीन बार फेल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। अब 644वीं रैंक मिली है। रैंक सुधारने के लिए भाग्य से आजमाएंगे।












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