अभिनव सिवाच: 30 लाख की नौकरी छोड़ बने IAS, फिर सबसे खूबसूरत IPS आशना चौधरी को दे बैठे दिल
Success Story IAS Abhinav Siwach: अभिनव सिवाच की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत और दृढ़ संकल्प का सहारा लेते हैं। हरियाणा के हिसार के रहने वाले अभिनव ने 30 लाख रुपये के आकर्षक पैकेज वाली प्राइवेट नौकरी को छोड़कर सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने का सपना देखा और उसे पूरा भी किया।
IAS अभिनव सिवाच व IPS आशना चौधरी की लव स्टोरी
13 अक्टूबर 2024 को आईएएस व अभिनव सिवाच व आईपीएस आशना चौधरी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें एक साथ नजर आ रहे हैं। फोटो के कैप्शन में लिखा है-"Thoda hai thode ki zarurat hai, Zindagi phir bhi yahan khubsurat hai" One dream at a time. You complete me. इस पोस्ट के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं। अभिनव सिवाच और आशना चौधरी ने एक-दूसरे को हमसफर के रूप में चुना है। हालांकि दोनों ने शादी कर ली या कब होगी? इसका कोई अपडेट नहीं अभी। कहा जा रहा है कि दोनों को ट्रेनिंग के दौरान एक-दूसरे से प्यार हुआ।

शुरुआत: बीटेक और एमबीए के बाद बड़ी नौकरी
अभिनव ने दिल्ली से बीटेक किया और फिर आईआईएम कोलकाता से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। अपनी पढ़ाई के दम पर उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में 30 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी हासिल की। लेकिन उनका सपना शुरू से ही सिविल सर्विसेज में जाने का था। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की परीक्षा पास कर नायब तहसीलदार बने।
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नौकरी के साथ जारी रही तैयारी
नायब तहसीलदार बनने के बाद भी अभिनव का सपना अधूरा था। उन्होंने दिल्ली सिविल सर्विसेज परीक्षा दी और उसे पास कर साउथ दिल्ली में एसडीएम के पद पर तैनात हुए। एसडीएम की जिम्मेदारी संभालते हुए भी उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। रोजाना 7-8 घंटे की पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उन्होंने अपनी पढ़ाई पर फोकस रखा।

UPSC में 12वीं रैंक और IAS बनने का सपना पूरा
अभिनव ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 12वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का अपना सपना साकार किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय सेल्फ स्टडी और दृढ़ संकल्प को दिया। उनके अनुसार, बेसिक्स को मजबूत करना, नियमित पढ़ाई और रिवीजन ही उनकी सफलता की कुंजी रही। अभिनव के परिवार में भी प्रशासनिक सेवा की पृष्ठभूमि रही है। उनके पिता सतबीर सिवाच एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर हैं, और उनके चाचा ललित सिवाच IAS अधिकारी हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
अभिनव ने यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह दी कि कड़ी मेहनत और सही रणनीति के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और अन्य distractions से बचकर अपने लक्ष्य पर फोकस करना बेहद जरूरी है। IAS बनने के बाद अभिनव का मुख्य उद्देश्य समाज की सेवा करना है। वह चाहते हैं कि उनकी पोजीशन का उपयोग आम जनता की भलाई के लिए हो। अभिनव सिवाच की यह कहानी बताती है कि मेहनत, समर्पण और सही दिशा के साथ किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।












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