Ram Bhajan Kumhar: कभी गांव में करते थे चूना पत्थर तोड़ने का काम, अब 8वें प्रयास में क्रैक की UPSC
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल राम भजन कुम्हार ने 667वीं रैंक हासिल की। ये राजस्थान के दौसा के रहने वाले हैं।
बचपन गांव में बीता। पढ़ाई सरकारी स्कूल-कॉलेजों से हुई। मजदूरी भी करनी पड़ी। अब कामयाबी की मिसाल हैं। नाम है राम भजन कुम्हार।
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 667वीं रैंक हासिल करने वाले राम भजन कुमार दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं।

वन इंडिया हिंदी से बातचीत में रामभजन ने अपने परिवार में मुफलिसी के दौर से लेकर दिल्ली पुलिस में ड्यूटी और यूपीएससी के सफर की पूरी कहानी शेयर की।
रामभजन ने बताया कि राजस्थान के दौसा जिले के गांव बापी में एक सितम्बर 1988 को कन्हैया लाल कुम्हार व धापा देवी के घर जन्म हुआ। एक भाई व दो बहन हैं। पिता मजदूरी करते थे। साल 2021 में उनका निधन हो गया।

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण रामभजन को भी साल 2003 में चूना तत्थर तोड़ने का काम करना पड़ता था ताकि खुद की पढ़ाई का खर्च उठा सकें। तब मजदूरी महज 20 रुपया प्रतिदिन मिला करती थी।

राम भजन कहते हैं कि दौसा के सरकारी कॉलेज में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई के दौरान साल 2009 में दिल्ली पुलिस ने कांस्टेबल भर्ती हुआ। साल 2022 में हेड कांस्टेबल बना। वर्तमान में साइबर पुलिस दिल्ली साउथ वेस्ट में कार्यरत हैं।

रामभजन ने साल 2015 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की। अधिकांश बार प्री पास नहीं कर पाए। साल 2022 में फाइनल चयन ही पा लिया। यह आठवां प्रयास था। रैंक को देखते हुए इन्हें आईआरएस सर्विस कैडर मिलना है।

रामभजन ने कहते हैं कि मुझे यूपीएससी की तैयारी के दौरान किसी का मार्गदर्शन नहीं मिला। लगातार सात बार फेल होने के बाद पता चला कि मैं कि एक ही विषय की बहुत सारी किताबें पढ़ा करता था, जो सही नहीं था। आठवें प्रयास में नई रणनीति से पढ़ाई की और सफल रहा।












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