मिलिये 13 गोल्ड मेडल जीतने वाली आईएएस श्रद्धा गोमे से, लोगों के लिए हैं मिसाल
हां, ये सच है कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन भर्ती परीक्षा है, लेकिन ये भी सच है कि कई लोगों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है और उच्च मानक स्थापित किए हैं। आईएएस श्रद्धा गोमे एक ऐसी उम्मीदवार हैं जिनकी उपलब्धियां कई लोगों के लिए मिसाल हैं।
आईएएस श्रद्धा गोमे ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 60वीं रैंक हासिल की है। मध्यप्रदेश के इंदौर की निवासी श्रद्धा गोमे स्कूल से कॉलेज तक टॉपर रही हैं।

इंदौर की रहने वाली आईएएस श्रद्धा गोमे हमेशा से एक मेधावी छात्रा थीं। उन्होंने मैट्रिक और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं में टॉप किया। इसके बाद वे CLAT परीक्षा में शामिल हुईं।
श्रद्धा ने अखिल भारतीय कानून प्रवेश परीक्षा में टॉप किया और बैंगलोर के प्रतिष्ठित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) में सीट हासिल की। आईएएस श्रद्धा ने टॉपर बनने के लिए खूब मेहनत की। अपने दीक्षांत समारोह में श्रद्धा ने 13 गोल्ड मैडल भी जीते। ग्रेजुएशन करने के बाद श्रद्धा को लंदन में हिंदुस्तान यूनिलिवर लिमिटेड में नौकरी मिल गई। लेकिन ये नौकरी लेने की बजाय उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू करने का फैसला किया।
आईएएस प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए वह वापस इंदौर चली गईं और तैयारी शुरू कर दी। अध्ययन सामग्री जुटाने के लिए उसने इंटरनेट की कुछ मदद ली, लेकिन श्रद्धा ने सेल्फ स्टडी से ही अपनी पूरी तैयारी की।
26 साल की उम्र में श्रद्धा गोमे ने सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की। उनके पिता रमेश कुमार गोमे रिटायर्ड एसबीआई अफसर हैं और मां वंदना हाउसवाइफ हैं। उनके भाई रोहित गोमे भी वकालत की ही पढाई कर रहे हैं। अपनी तैयारी के दिनों में श्रद्धा 8-10 घंटे पढ़ाई किया करती थीं। पढ़ाई करते वक्त वे हर चीज से खुद को दूर रखती थीं।












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