IAS Ravindra Kumar: दो बार एवरेस्ट फतह कर चुके हैं बरेली के नए डीएम, बचाई थी कई लोगों की जान
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में 8 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए, जिसके तहत 6 जिलों के जिलाधिकारियों को बदला गया है। इसमें सबसे चर्चित नाम बरेली के नए डीएम रवींद्र कुमार का है। उनका निजी जीवन काफी संघर्षों भर रहा। साथ ही उनके नाम पर कुछ कीर्तिमान भी हैं।
रवींद्र कुमार बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं। उनका परिवार खेती करता था, ऐसे में उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में ही हुई। इसके बाद उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय वेगूसराय से की। फिर वो 12वीं के लिए रांची आ गए।

रवींद्र पढ़ने में काफी तेज थे, ऐसे में उन्होंने आईआईटी एंट्रेंस एग्जाम को क्रैक किया। हालांकि बाद में वो मर्चेंट नेवी में शामिल हो गए। साल 2002 के बाद करीब 6 साल तक वो उसमें काम करते रहे और फिर उनमें सरकारी अधिकारी बनने का सपना जगा। इस वजह से उन्होंने वो नौकरी छोड़ दी।
2011 में उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की और आईएएस बन गए। शुरू में उनको सिक्किम कैडर मिला था। वहां के कई विभागों में उन्होंने काम किया। वहीं पर नौकरी के दौरान ही उनको ट्रैकिंग का चस्खा लगा और उन्होंने पर्वतारोहण शुरू कर दिया। 19 मई 2013 को कीर्तिमान रचते हुए वो माउंट एवरेस्ट पर पहुंच गए।
रवींद्र यहीं नहीं रुके, 2015 में उन्होंने दूसरी बार एवरेस्ट को फतह किया। हालांकि उस दौरान भूकंप की वजह से हिमस्खलन हुआ था। एवरेस्ट बेस कैंप में उन्होंने जांबाजी का परिचय देते हुए कई लोगों की जान बचाई। बाद में उन्होंने इन यात्राओं पर दो किताबें भी लिखीं।
कई जिलों में दी सेवाएं
मई 2016 में उनकी जिंदगी में नया मोड़ आया जहां उनका ट्रांसफर यूपी कैडर में कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने झांसी, बुलंदशहर के डीएम के रूप में सेवाएं दीं। अब उनको यूपी सरकार ने बरेली की कमान दी है।












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