HBSE 10th Result 2023: IPS बनना चाहती है दिहाड़ी मजदूर की बेटी ज्योति, प्रदेश में हासिल किया तीसरा स्थान
Success story of Jyoti Rani: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं की परीक्षा में दिहाड़ी मजदूरी के बेटी ज्योति रानी ने पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है।

HBSE 10th Result 2023: ज्योति रानी करनाल की रहने वाली है और उनके नाम की चर्चा इन दिनों पूरे हरियाणा में हो रही है। दरअसल, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं की परीक्षा में ज्योति रानी ने पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है।
ज्योति रानी बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं। ज्योति के पिता जसविंदर सिंह दिहाड़ी मजदूर हैं और मां गृहिणी। ज्योति के चार भाई-बहन है। इतने बड़े परिवार का गुराजा कर पाना जसविंदर सिंह के लिए भी काफी मुश्किल होता है।
इस सबके बावजूद भी जसविंदर सिंह ने ज्योति को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए उसका एडमिशन एक प्राइवेट स्कूल में कराया। ज्योति बताती है कि उसके पिता की मेहनत, मां के मार्गदर्शन और स्कूल टीचर्स की सही गाइडेंस ने उसे सफलता के शिखर तक पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभाई है।
ज्याति रानी काफी होनहार छात्रा है, इसलिए उसने अपना टारगेट भी पहले से सेट कर रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्याति का सपना है कि वो एक आईपीएस ऑफिसर बनने। ज्याति बताती है कि IPS ऑफिसर बनकर वो देश और समाज की सेवा करना चाहती है।
IPS अधिकारी बनने के लिए ज्योति मन लगाकर पढ़ाई कर रही है और अपने टीचर्स से यूपीएससी के एग्जाम के बारे में पूछती भी रहती है। बता दें कि ज्योति रानी करनाल के निग्दू में आनंद पब्लिक स्कूल की 10वीं क्लास की स्टूडेंट है।
ज्योति ने 10वीं की परीक्षा में 500 में से 496 अंक हासिल किए। मैथ, सोशल साइंस और पंजाबी सब्जेक्ट में उसके 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। तो वहीं, हिंदी में 96, अंग्रेजी में 99 और संस्कृत में 97 नंबर आए। महज दो नंबर से वह स्टेट में टॉप करने से चूक गईं।
हालांकि, जब ज्योति से मीडियाकर्मियों ने पूछा कि क्या उन्हें दो नंबर से चूक जाने का क्या कोई अफसोस है? इसके सवाल के जवाब में ज्योति ने कहा कि कुछ खास नहीं। इस बार पहली दफा बोर्ड की परीक्षा में बैठ रहे थे इसलिए मन में थोड़ा डर था कि पता नहीं क्या होगा। बस अपनी तरफ से बेहतर करना था।
ज्योति रानी ने बताया कि स्टेट में टॉप करने का कोई टारगेट नहीं रखा था। लेकिन, इतना जरूर तय किया था कि अच्छे नंबरों के साथ पास होना है। इसलिए स्कूल में जो सीखा, उसके मुताबिक अपनी तैयारी की। पढ़ाई को 12 से 13 घंटे दिए।
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ज्योति की मानें तो उसे शुरू से पढ़ने का शौक रहा है, इसलिए काफी लंबे समय तक पढ़ाई करने में कोई दिक्कत नहीं होती थी। इसी का आज उसे अच्छा फायदा मिला। ज्योति से जब पूछा गया कि क्या अच्छे नंबरों के लिए ट्यूशन जरूरी है? तो उसने जवाब देते हुए कहा कि शायद नहीं।
ज्योति थोड़ा रुककर बोली..यदि आप में अनुशासन है और लगातार फोकस के साथ पढाई कर सकते हैं तो फिर ट्यूशन की कोई जरूरत नहीं है। वहीं, दूसरी ओर ज्योति के पिता जसविंदर सिंह बेटी की सफलता से फूले नहीं समा रहे।
जसविंदर सिंह कहते है कि उनकी बेटी ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। लोगो घर पर बधाई देने के लिए आ रहे है। वो आगे कहते है कि अगर सच्चे दिल से मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।












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