गलवान घाटी में शहीद जवान की पत्नी रेखा सिंह बनीं लेफ्टिनेंट, कहा- 'मेरे पति के जाने के बाद मैंने...'
भारतीय सेना ने पांच महिला अधिकारियों के पहले बैच को आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल किया है। सेना का सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका का विस्तार करने की दिशा में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।

महिला अधिकारियों के पहले बैच को भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल किया गया है। शनिवार(29 अप्रैल) को चेन्नई के अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA) में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 5 महिला अधिकारी आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल हुईं हैं। इन पांच महिलाओं में गलवान घाटी संघर्ष में शहीद हुए जवान की पत्नी रेखा सिंह भी शामिल हैं।
रेखा सिंह ने पति के शहीद होने के बाद भारतीय सेना में शामिल होने की ठानी थी। उनका सपना आज पूरा हो गया है। लेफ्टिनेंट रेखा सिंह ने कहा, ''मेरे पति के शहीद होने के बाद मैंने भारतीय सेना में शामिल होने का फैसला किया था। और इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। आज मेरी ट्रेनिंग पूरी हो गई है और मैं लेफ्टिनेंट बन गई हूं। मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि मैं आर्मी में शामिल हो गई हूं।''
रेखा सिंह ने आगे कहा, ''आज मेरे और मेरे परिवार के लिए एक गर्व का क्षण है। मैं अन्य महिला उम्मीदवारों को यही कहना चाहूंगी कि आप खुद पर विश्वास करें और दूसरों के बारे में सोचे बिना वह करें जो आप करना चाहती हैं।''
रेखा सिंह के शहीद पति दीपक सिंह जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी आर्मी (पीएलए) के साथ झड़प में शहीद हुए थे। दीपक सिंह को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल होने वाली महिला अधिकारियों में रेखा सिंह के अलावा लेफ्टिनेंट महक सैनी, लेफ्टिनेंट साक्षी दुबे, लेफ्टिनेंट अदिति यादव और लेफ्टिनेंट पवित्र मुदगिल हैं। इनके साथ 19 पुरुष अधिकारियों को भी रेजीमेंट में शामिल किया गया है।
लेफ्टिनेंट महक सैनी ने कहा, ''यह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है। मुझे पूरा यकीन है कि हम सभी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय करेंगे और संगठन को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।''
भारतीय सेना ने कहा है कि आर्टिलरी रेजिमेंट में कमीशन की जा रही पांच महिला अधिकारियों (डब्ल्यूओ) को उनके पुरुष जवानों के समान अवसर और चुनौतियां दी जाएंगी। महिला और पुरुष में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। इन युवा महिला अधिकारियों को सभी प्रकार की आर्टिलरी इकाइयों में तैनात किया जाएगा जहां उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रॉकेट, मीडियम, फील्ड और सर्विलांस एंड टारगेट एक्विजिशन (SATA) और उपकरणों को संभालने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण और एक्सपोजर मिलेगा।
पांच महिला अधिकारियों में से तीन उत्तरी सीमाओं पर तैनात इकाइयों में और अन्य दो पश्चिमी थिएटर में चुनौतीपूर्ण स्थानों पर तैनात हैं।












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