Divya Sharma: इंडियन नेवी में 1st महिला फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर, अब भविष्य के पायलटों की गुरु बनेंगी दिव्या शर्मा
Divya Sharma Indian Navy: "अगर सपनों को ऊंची उड़ान देनी हो, तो हौसलों को पर देना पड़ता है"-इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव भागवी की बहू लेफ्टिनेंट कमांडर दिव्या शर्मा ने, जो भारतीय नौसेना की पहली महिला क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) बन गई हैं।
जहां एक ओर ये उपलब्धि सैन्य क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह देशभर की बेटियों के लिए एक जीता-जागता उदाहरण है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।

दिल्ली में जन्मी दिव्या शर्मा
दिल्ली के मालवीय नगर में जन्मी दिव्या की शिक्षा और प्रशिक्षण का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। 2018 में भारतीय नौसेना में कमीशन मिलने के बाद उन्होंने हैदराबाद, बेंगलुरु, कोच्चि और विशाखापत्तनम जैसे प्रतिष्ठित सैन्य केंद्रों में गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। वह नौसेना में शामिल की गई पहली महिला पायलटों में से एक रही हैं।

सैन्य पायलटों को प्रशिक्षित करेंगी
दिव्या ने हाल ही में वायुसेना के प्रतिष्ठित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल (FIS), तांबरम से प्रशिक्षण पूरा किया। यह कोर्स सेना, वायुसेना, नौसेना और तटरक्षक बल के चुनिंदा 55 पायलटों के लिए होता है और इसे पूरा करना किसी भी पायलट के लिए गौरव की बात होती है। अब, QFI बनने के बाद दिव्या भारत की अगली पीढ़ी के सैन्य पायलटों को प्रशिक्षित करेंगी और भारतीय नौसेना की एयर ताकत को नई दिशा देंगी।

INS उत्क्रोश पर तैनात हैं दिव्या शर्मा
दिव्या शर्मा इस समय पोर्ट ब्लेयर के INS उत्क्रोश में INS 318 स्क्वॉड्रन की डोरनियर पायलट के रूप में तैनात हैं। डोरनियर विमान अत्याधुनिक समुद्री निगरानी प्रणाली से लैस होते हैं, जो राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की रक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गांव भागवी और जिला चरखी दादरी में गर्व और खुशी का माहौल है।

बेटियों के लिए दिव्या शर्मा का संदेश
दिव्या शर्मा की कहानी हर उस बेटी के लिए एक प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती है लेकिन समाज की सीमाओं से घबराती है। दिव्या ने साबित किया कि कोई भी लड़की, चाहे वह किसी छोटे गांव से हो या बड़े शहर से, अगर ठान ले तो वह आसमान भी छू सकती है। "बेटियों को सिर्फ सपने देखने नहीं, उड़ान भरने का भी हक है - दिव्या शर्मा आज इसी का उदाहरण हैं।"
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