OMG! 110 साल की उम्र में पढ़ने स्कूल जा रही ये बुजुर्ग महिला, बेटा छुट्टी होने तक करता है इंतजार
जज्बे को सलाम! कहते हैं पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है। सऊदी अरब में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक 110 साल की उम्र की बुजुर्ग महिला अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अब स्कूल का रुख कर चुकी है।
सऊदी अरब में एक 110 साल की उम्र वाली बुजुर्ग महिला स्टूडेंट इन दिनों सुर्खियों में छाई हुईं हैं। महिला ने इस उम्र में स्कूल जाकर पुरानी कहावत 'देर आए दुरुस्त आए' को सही साबित कर दिया है। यह महिला राज्य के दक्षिण-पश्चिम में उम्वाह गवर्नरेट में अल-रहवा केंद्र की मदद से अपनी पढ़ाई में लौटी हैं। अब वह पवित्र कुरान पढ़ सकती हैं और वह निरक्षरता को मिटाने के लिए देश के कार्यक्रम के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
बुजुर्ग महिला के 4 बेटे हैं। सबसे बड़ा 60 साल का बेटा उन्हें रोज स्कूल लेकर जाता है और छुट्टी होने तक बाहर इंतजार करता है। बेटे ने भी अपनी मां को पवित्र कुरान पढ़ने और लिखने में सक्षम होते देख सरकार की सराहना की है। वहीं, सऊदी के शिक्षा मंत्रालय ने महिला का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी मुहिम को लेकर खुशी जाहिर की है। आइए मिलते हैं 110 साल की इस बुजुर्ग से...

कौन है ये बुजुर्ग महिला?
उम्वाह इलाके निवासी नवाद अल कहतानी (110) ने सऊदी सरकार के समर स्पेशल एजुकेशन प्रोग्राम में शामिल होने का फैसला किया। अल रहवा सेंटर (बेसिक एजुकेशन चेन) ने लिखना-पढ़ना सीखा। नवाद अल कहतानी बताती हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। अल-कहतानी ने कहा कि वह स्कूल में मन लगाकर पढ़ाई करती हैं और सुनिश्चित करती है कि वह हर दिन का अपना होमवर्क पूरा कर लें।
अरब न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कहतानी ने अपनी शिक्षा में सुधार किए बिना बीते सालों पर खेद व्यक्त किया। देरी उनके जीवन में किसी व्यक्तिगत मुद्दे के कारण नहीं थी, बल्कि क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों और गांवों की सैकड़ों लड़कियों के लिए यह आम बात थी, जो भौगोलिक अलगाव के कारण अपनी पढ़ाई पूरी करने में असमर्थ थीं।
'पढ़ाई से जीवन में आया बदलाव'
अल-कहतानी ने कहा कि इससे "निश्चित रूप से मेरे जीवन और दूसरों के जीवन में बहुत बदलाव आया होगा। उन्हें उम्मीद है कि अधिकारी सार्वजनिक शिक्षा के लिए और अधिक स्कूल स्थापित करेंगे। ताकि, अन्य लोग साक्षर बन सकें और अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
महिला के 4 बेटे हैं, रोज लेने-छोड़ने जाता है एक बेटा
बुजुर्ग महिला के 4 बेटे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा 80 साल का है। सबसे छोटा बेटा 50 साल का है। बेटे मोहम्मद का कहना है कि पढ़ना और लिखना सीखने से उनका जीवन बदल गया है। कई सप्ताह पहले केंद्र में इलिटरेसी यानी निरक्षरता को पूरी तरह खत्म करने वाले प्रोग्राम में शामिल होने के बाद से, वह 50 से अधिक अन्य लोगों के साथ हर दिन स्कूल जाती है। सभी उम्र के छात्रों को वर्णमाला की मूल बातें और कुरान की कुछ आयतें सिखाई जाती हैं।
मोहम्मद हर सुबह अपनी मां को केंद्र में ले जाते हैं और क्लासेस के खत्म होने का इंतजार करते हैं। वहीं, अल-कहतानी कहती हैं कि मेरे चारों बेटे पढ़ाई में मदद करते हैं। उनके जीवन में नए विकास को लेकर आशावादी हैं।
बेटे ने की सरकार की सराहना
वहीं, नवाद अल कहतानी के बेटे ने स्थानीय मीडिया से कहा कि उनकी मां ने अध्ययन करने के लिए गर्मियों के कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया और अब, वह पवित्र कुरान पढ़ने और लिखने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मां मौके के लिए सरकार की सराहना करती हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने पोस्ट किया महिला का वीडियो
सऊदी अरब के शिक्षा मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अल कहतानी को इस अवसर के लिए सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए देखा जा रहा है, जिसने उन्हें पढ़ने-लिखने में मदद की। मंत्रालय ने 110 साल महिला का वीडियो साझा करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों के परिणाम फलदायी बने।












Click it and Unblock the Notifications