Cervical Cancer: लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव आपको रख सकते हैं सर्वाइकल कैंसर से दूर
अभीनेत्री पुनम पांडे की सर्वाइकल कैंसर से मौत की खबर ने लोगों को शॉक में डाल दिया था। हालांकि पुनम जिंदा हैं और बिल्कुल स्वस्थ हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सर्वाइकल कैंसर के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए अपने मौत की खबर फैलाई थी। इस पर लोगों के कई तरह के रिएक्शन आ रहे हैं।
उन रिएक्शन और फेक न्युज को छोड़ अगर सर्वाइकल कैंसर की बात करें तो यह सच में महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या है। एशियाई देशों में सर्वाइकल कैंसर का सबसे आम कारण एचपीवी पॉजिटिविटी है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर है, न केवल ग्रामीण आबादी में बल्कि शहरी आबादी की महिलाओं में भी।

एचटी से की गई बातचित में मुंबई के गोरेगांव में एसआरवी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. ममता श्रीयान ने बताया कि इस कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मानव पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन है, जो गर्भाशय ग्रीवा के लिए जिम्मेदार वायरस के मुख्य उपभेदों से बचाता है।
यह 9 से 26 वर्ष की आयु की सभी महिलाओं के लिए अनुशंसित है। नियमित जांच, जैसे पैप स्मीयर या एचपीवी परीक्षण, असामान्य कोशिका परिवर्तनों का शीघ्र पता लगाने के लिए आवश्यक हैं, जिससे पूर्व कैंसर कोशिकाओं और प्रारंभिक चरण के कैंसर की पहचान करने में मदद मिलती है। 21 साल की उम्र से लेकर 65 साल की उम्र तक हर 3 साल में पैप स्मीयर कराने की सलाह दी जाती है।
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उन्होंने बताया कि कैसे अपने लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव कर के सर्वाइकल कैंसर को रोक सकते हैं-
1.स्वस्थ वजन बनाए रखना।
2.अपने भोजन में बहुत सारे फल,सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करना।
3.प्रसंस्कृत भोजन, परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट, वसा, लाल मांस से बचें।
4.शराब का सेवन सीमित करें।
5.शारीरिक रूप से सक्रिय रहें - सप्ताह में कम से कम 5 बार 30 मिनट का व्यायाम करें।
6.असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं - यौन संचारित रोगों से बचने के लिए कंडोम का प्रयोग करें।
7.यौन साझेदारों की संख्या सीमित करें।
8.डिलीवरी की संख्या सीमित करना।
9.धूम्रपान से बचें।
10.पहले संभोग की उम्र में जल्दबाजी न करें।
उनके अनुसार, एचपीवी वैक्सीन (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन) से सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। लड़कियों में टीकाकरण 9 साल से शुरू होना चाहिए, जहां 13 साल तक 2 खुराक पर्याप्त हैं।
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