Relationship Tips: टॉक्सिक रिलेशन नहीं छोड़ पा रहे हैं तो Vikas Divyakirti की ये बात मान लें, लौट आएगा सुकून
Relationship Tips: टॉक्सिक रिश्ता किसी भी इंसान की मानसिक शांति, आत्मविश्वास और रोजमर्रा की खुशियों को निगलने के लिए काफी है। हालांकि, कई बार बहुत से लोग पारिवारिक मजबूरियों या सामाजिक बंधन की वजह से भी अपना रिश्ता खत्म नहीं करते हैं। परिवार, बच्चे, आर्थिक निर्भरता या समाज ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से लोग शादी या रिश्ते से बाहर नहीं निकलते हैं। ऐसी स्थिति में क्या किया जाए? समाजशास्त्री और मोटिवेशनल स्पीकर विकास दिव्यकीर्ति की एक बात इस मुश्किल में बड़ी राहत दे सकती है।
विकास दिव्यकीर्ति का कहना है कि यदि किसी वजह से आप रिश्ते को छोड़ नहीं पा रहे हैं, तो सबसे पहले अपेक्षाएं छोड़ दें। अक्सर रिश्तों की कड़वाहट की जड़ ही हमारी उम्मीदें होती हैं। किसी का बदल जाना, सुधर जाना, वैसा बन जाना जैसा हम चाहते हैं, ऐसी अपेक्षाएं नहीं होनी चाहिए।

Vikas Divyakirti का है रिश्तों को लेकर स्पष्ट नजरिया
मोटिवेशनल स्पीकर कहते हैं कि जब आप अपेक्षाएं छोड़ देते हैं, तो सामने वाले को उसकी वास्तविकता में स्वीकार करना सीखते हैं। जब अपनी परिस्थिति और संबंधों को स्वीकार कर लेते हैं, तो धीरे-धीरे रिश्ते का तनाव कम होने लगता है। मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर ने कहा, 'आप हर वक्त यह सोचकर परेशान नहीं रहते कि वह व्यक्ति क्या करेगा, कैसे व्यवहार करेगा या आपकी भावनाओं का कितना सम्मान करेगा। इससे मन हल्का होता है और गुस्सा कम।'
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इसके साथ ही विकास एक खास बात पर जोर देते हैं कि चिंताएं भी छोड़ देनी चाहिए। विकास दिव्यकीर्ति कहते हैं, 'चिंता रिश्ते को और ज्यादा बोझिल बनाती है। आप भविष्य, परिवार, बच्चों या सामाजिक छवि को लेकर जितनी चिंता करते हैं, उतना ही मानसिक तनाव बढ़ता है।' उनका सुझाव है कि जब आपकी स्थिति ऐसी हो कि रिश्ता छोड़ना संभव न हो, तो चिंता छोड़कर वर्तमान को सहज बनाने पर फोकस करें।
Relationship Tips: रिश्तों को उनके मौलिक रूप में अपनाएं
विकास दिव्यकीर्ति का सुझाव रिश्तों को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम साबित हो सकता है। ऐसा करने से रिश्ते में मौजूद कटुता कम होती है। जब आप भावनाओं को जबरदस्ती नहीं खींचते, सामने वाले को बदलने की कोशिश नहीं करते, तब धीरे-धीरे एक शांतिपूर्ण माहौल बनता है। कई बार दूसरे व्यक्ति पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वह भी सहज तरीके से व्यवहार करने लगता है।
हालांकि, यह तरीका समस्या का अंतिम समाधान हो, ऐसा जरूरी नहीं है। उन लोगों के लिए जरूर राहत बन सकता है जो मजबूरी में एक कठिन रिश्ते के साथ जी रहे हैं। अपेक्षाएं कम करें, चिंता छोड़ें और देखिए, आपका सुकून धीरे-धीरे लौटने लगता है।
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