बाहर का खाते हैं तो हो जाइये सावधान, पैक्ड फूड में मिले कैंसर के संकेत! डरा देगी ये रिसर्च
कैंसर दुनिया भर में सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है, जिसमें स्तन कैंसर सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर का प्रकार है। अब इस तरह के कैंसर पर एक रिसर्च हुई है, जिसमें ऐसी हैरान करने वाली बातें आई हैं, जिन्हें जानने के बाद एक बार को आप भी डर जाएंगे।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी को शॉर्टकट चाहिए। ऐसे में खाने-पीने के मामले में भी लोग शॉर्टकट ही ढूंढते हैं। लोग अकसर इतने बिजी रहते हैं कि वे घर पर खाना बनाने की बजाय बाहर के खाने को प्राथमिकता देना पसंद करते हैं। जिससे के उन्हें टेस्ट के साथ भी समझौता ना करना पड़े और उनका समय भी बच जाए। मगर क्या आप जानते हैं कि इसी बाहर के खाने से जुड़ी ये रिपोर्ट सामने आई है।

फ्रंटियर्स इन टॉक्सिकोलॉजी में पब्लिश्ड एक रिसर्च के अनुसार, भूरे रंग के कागज़ और पॉलीथीन बैग जैसी पैकेजिंग सामान में ऐसा रसायन या फिर कैमिकल पाया जाता है, जो 200 तरह के स्तन कैंसर से जुड़ा हुआ है। चिंता की बात है कि इनमें से 76 कैमिकल्स को कार्सिनोजेन्स के रूप में पहचाना गया है। ये खुलासा अपने आप में डरा देने वाला है।
खाद्य संपर्क सामग्री (FCM) के रूप में जाने जाने वाले इन खतरनाक पदार्थों को पहचानना बेहद जरूरी है। इसमें कंटेनर और प्लास्टिक के बर्तन से लेकर कुछ खास तरह के कांच के बर्तन और पैकेजिंग आइटम भी शामिल हैं। रिसर्च से ये बात पता चलती है कि इसमें खाने में कैमिकल मिल जाते हैं, जिससे कैंसर का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। जब गर्म खाना पैक किया जाता है तो कैंसर का जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
हमारे शरीर में जब ये गर्म जाता है तो शरीर के लिए भी इसे सोखना काफी आसान हो जाता है। इसे ठीक इस तरह समझिये जैसे कि हमें गर्म खाना खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये अच्छी तरह से पच जाता है। वहीं अगर हम ठंडा खाना खाते हैं तो शरीर में ब्लोटिंग और गैस की समस्या होती है। इसी तरह इस पैकेजिंग में गर्मागर्म खाना खाने से स्वाद मिलता है, जिससे हमें अच्छा तो लगता है मगर शरीर में कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है।
एफसीएम से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए, सेफ पैकेजिंग को अपनाना होगा। रेस्टोरेंट से मिलने वाले खाने को कागज या फिर पॉलिथिन की बजाय घर के कंटेनर में पैक किया जाना चाहिए। किसी भी कंटेनर में तुरंत खाना पैक करना वैसे भी अच्छा नहीं होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सिर्फ रिसर्च पर आधारित है। हम पैक्ड फूड से किसी तरह की बीमारी का दावा नहीं करते हैं। अगर पैक्ड फूड से संबंधित कोई परेशानी या जानकारी आपको चाहिए, तो संबंधित डॉक्टर या फिर एक्सपर्ट से संपर्क करें।












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