दिवाली से पहले घर की सफाई में कहीं आप तो नहीं कर रहे ऐसी गलती? भूलकर भी घर में ना करें ऐसे पेंट
Diwali Paints for health: दीवाली नजदीक आते ही घरों में रंगाई पुताई का काम भी शुरू हो जाता है। ऐसे में अकसर ध्यान इसी बात पर होता है कि कौन सा रंग घर को ज्यादा सुंदर और चमकदार बनाएगा। मगर क्या आप जानते हैं कि ज्यादा चमकदार बनाने के चक्कर में हम ये बात भूल जाते हैं कि जिस पेंट का इस्तेमाल करने जा रहे हैं, उसमें ऐसा कुछ मिला है, जो आपकी सेहत को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।
जी हां! घर की रंगाई पुताई में इस्तेमाल होने वाला पेंट यूं ही चमकदार नहीं होता। इसे चमकदार बनाने के लिए इसमें लेड मिलाया जाता है। और इस बात को WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) भी मानता है कि लेड सेहत के लिए बेहद ही ज्यादा नुकसानदेह होता है। खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2021 में दुनिया भर में 1.5 मिलियन लोगों की मौत सीधे लेड के संपर्क में आने से हुई। इस जहरीली धातु का उपयोग रंग और चमक बढ़ाने के लिए पेंट में किया जाता है, लेकिन ये गंभीर स्वास्थ्य खतरे पैदा करता है, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए।
सीसे का संपर्क बच्चों के लिए विशेष रूप से हानिकारक है क्योंकि उनके शरीर वयस्कों की तुलना में इसे ज्यादा तेजी से सोखते हैं। इससे मानसिक और शारीरिक विकास संबंधी महत्वपूर्ण समस्याएं हो सकती हैं। लेड यानी कि सीसा हड्डियों, दांतों, गुर्दे और मस्तिष्क में जमा हो जाता है, जिससे तंत्रिका तंत्र और गुर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। गर्भवती महिलाओं में, सीसा प्लेसेंटल बाधा को पार कर सकता है, जिससे भ्रूण का विकास प्रभावित होता है।
हेल्थ पर सीसे का प्रभाव
डब्ल्यूएचओ के 2021 के डेटा में सीसे के जहर के बारे में बताया गया है। यूनिसेफ की टॉक्सिक ट्रुथ जैसी रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया भर में तीन में से एक बच्चे के रक्त में सीसे का स्तर बढ़ा हुआ है, जिसका आंशिक कारण सीसे से बने पेंट हैं। सीसे के लंबे समय तक संपर्क में रहने से कैंसर, सांस संबंधी बीमारियों और हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है।
इन खतरों के बावजूद, कई पेंट में अभी भी काफी मात्रा में सीसा मौजूद है। भारत में, टॉक्सिक लिंक द्वारा 2015 में किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि 46% पेंट में सीसा की मात्रा राष्ट्रीय सीमा 90 भाग प्रति मिलियन (पीपीएम) से अधिक थी। कुछ पेंट में तो सीसा की मात्रा 10,000 पीपीएम तक भी थी। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) सीसे की किसी भी मात्रा को असुरक्षित मानता है।
हमेशा चुनें सुरक्षित विकल्प
स्वास्थ्य जोखिम और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए सीसा रहित पेंट का इस्तेमाल करना जरूरी है। इन पेंट्स को इसी तरह से लेबल किया जाता है और ये पारंपरिक ऑप्शन के लिए एक सेफ विकल्प प्रदान करते हैं। हालांकि ये थोड़े अधिक महंगे हैं, लेकिन ये बेहतर हवा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। दिवाली जैसे त्यौहारों के दौरान, इन पेंट्स का उपयोग करते समय कमरे को अच्छी तरह हवादार रखना और जोखिम को कम करने के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का उपयोग करना उचित है।
दिवाली के लिए घरों को सजाते समय, पर्यावरण के अनुकूल पेंट का चयन करके स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। ये विकल्प न केवल परिवारों को सीसे के प्रतिकूल प्रभावों से बचाता है, बल्कि आपकी ओवरऑल हेल्थ को अच्छा रखने के लिये भी जरूरी है।












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