डूबते आदमी को दरिया में फेंका
डूबते आदमी को दरिया में फेंका
संता : यार कल मैने एक आदमी को दरिया में डूबते हुए बाहर निकाल लिया.
बंता : फिर क्या हुआ?
संता : फिर वापिस दरिया में फेंक दिया.
बंता : तुमने ऐसा क्यों किया?
संता : कहावत है नेकी कर दरिया में डाल।
एक महिला का त्याग
ग्यारह लोग एक हेलीकॉप्टर से रस्सी से लटक रहे थे. जिनमें से दस आदमी थे और एक औरत.
रस्सी कमजोर थी और एक साथ इतने लोगों को लटका कर ले जाने में टूटने का खतरा था.
कम से कम किसी एक आदमी को रस्सी छोड़नी ही थी नहीं तो सारे लोगों की जान खतरे में आ सकती थी लेकिन बलिदान कौन करेगा बस यही सोच विचार चल ही रहा था कि महिला भावुक हो गई और कहने लगी: मैं अपनी मर्जी से यह रस्सीछोड़ रही हूं, क्योंकि त्याग करना स्त्री का स्वभाव है, वह रोज की अपने पति और बच्चों के लिए त्याग करती हैं और स्त्रियां पुरुषों के लिये नि:स्वार्थ त्याग करती ही आई हैं.
जैसे ही महिला ने अपना भाषण खत्म किया, सभी पुरुष एक साथ ताली बजाने लगे....












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