घोड़ा दौड़कर भी बंता से आगे नहीं जा सका
घोड़ा दौड़कर भी बंता से आगे नहीं जा सका
संता- बंता तू घोड़े के बराबर नहीं दौड़ सकता।
बंता- लेकिन घोड़ा दौड़कर भी मुझसे आगे नहीं जा सकता।
संता- ऐसा हो ही नही सकता।
बंता- क्यों नहीं हो सकता, मैं घोड़े पर बैठा जो रहूंगा।
संता बोला मेरी तबियत ठीक नहीं कल जाऊंगा
संता- अरे बंता आज मेरी तबियत खराब है।
बंता- तो डॉक्टर के पास चला जा।
संता- नहीं यार, आज मेरी तबियत ठीक नहीं है, कल जाऊंगा।
एक पागल और डॉक्टर
पागल- डॉक्टर साहब मैं बहुत परेशान हूं मैं जब भी नहाता हूं गीला हो जाता हूं।
डॉक्टर- ओके अगली बार से नल बंद करके नहाना।
ट्रेन में संता
ट्रेन में संता ने अपना सामान बंता के ऊपर वाली सीट पर रख दिया।
बंता- संता अपना सामान कहीं और रखो, मेरे सिर पर गिर जाएगा।
संता- कोई बात नही, इसमें टूटने वाली कोई चीज नही है।
पति और साधू
पत्नी (पति से)- मेरी तो कोई संतान नही हैं इसलिए सोचती हूं कि अपनी सारी जयदाद किसी साधू को दान कर दूं।
ये सुनकर पति उठकर जाने लगा।
पत्नी- तुम कहां जा रहे हो?
पति (गंभीरता से)- साधू बनने।
दादा और पोता
दादा (पोते से)- छुप जाओ, आज तुम स्कूल से भागकर आये हो, और तुम्हारे अध्यापक यहीं आ रहे हैं।
पोता- आप छुप जाइए, मैंने उन्हें बताया था कि आप मर गए हैं।












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