Fact Check: गलवान वैली की नहीं है इंदिरा गांधी की वायरल हो रही ये तस्वीर
नई दिल्ली। लद्दाख में भारत और चीन की सीमा आमने सामने है। 15 जून को दोनों सेनाओं के बीच खूनी संघर्ष हुआ जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए। इस शाहदत से पहले इन जवानों ने चीन के 43 सैनिकों को मार गिराया। गलवान में हुए हिंसक झड़प के बाद अब राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रही है और सीमा विवाद पर सवाल पूछ रही है। इस बीच यूपी कांग्रेस ने इंदिरा गांधी की फोटो के साथ एक ऐसा ट्वीट किया है, जिसका स्क्रीन शॉट तेजी से वायरल हो रहा है। इस फोटो के साथ यूपी कांग्रेस ने लिखा है, "इंदिरा गांधी जी गलवान वैली में सैनिकों के साथ।" इस तस्वीर में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पहाड़ों के बीच जवानों को संबोधित करती दिखाई दे रही हैं। जानिए कितनी सच्चाई है इस तस्वीर में

वायरल टेस्ट में फर्जी निकली गलवान वैली वाली बात
हालांकि जब इस तस्वीर को लेकर रिसर्च किया तो पाया ये फोटो है तो लद्दाख का ही, लेकिन गलवान नहीं बल्कि लेह का है। इंदिरा गांधी ने साल 1971 में लेह में भारतीय जवानों को संबोधित किया था। बता दें कि 1971 ही वो साल है जब भारत ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे। थोड़ी देर बाद खुद कांग्रेस पार्टी ने भी ट्वीट कर अपनी गलती मानी और इस बात को स्वीकार किया कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की ये तस्वीर लेह की है।
कैसे हुई सत्यता की जांच
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमने पाया कि यह तस्वीर वेबसाइट "art-sheep.com " पर इंदिरा गांधी पर लिखे गए एक लेख के साथ छपी है। इस आर्टिकल का शीर्षक, ‘On This Day: 19 January 1966 - Indira Gandhi takes charge in India' था और इसमें इंदिरा गांधी की तस्वीर के साथ लिखे कैप्शन के मुताबिक, वह 1971 में लेह में सेना के जवानों को संबोधित कर रही हैं। आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच मौजूदा तनाव गलवान घाटी में है जो कि लेह से करीब 220 किलोमीटर दूर है।

15-16 जून की रात क्या हुआ था गलवान में
15-16 जून को लद्दाख की गलवान घाटी में एलएसी पर हुई इस झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल समेत 20 सैनिकों की मौत हुई थी। भारत का दावा है कि चीनी सैनिकों का भी नुकसान हुआ है लेकिन इसके बारे में चीन की तरफ़ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। चीन ने अपनी सेना को किसी भी तरह का कोई नुक़सान होने की बात नहीं मानी है। इसके बाद दोनों देशों में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ चुका है। दोनों ही देश एक-दूसरे पर अपने इलाक़ों के अतिक्रमण करने का आरोप लगा रहे हैं।












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