Manikarnika Ghat Fact Check: PM मोदी के संसदीय क्षेत्र का मणिकर्णिका घाट तोड़ा जा रहा है? मचा बवाल-8 पर FIR
Manikarnika Ghat Fact Check: उत्तर प्रदेश के वाराणसी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र) के पवित्र मणिकर्णिका घाट को तोड़ा जा रहा है, मंदिर-मूर्तियां ध्वस्त की जा रही हैं - इनमें कितना सच है? उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसे भ्रामक और फर्जी करार देते हुए 8 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। आइए स्टेप बाय स्टेप समझते हैं पूरा मामला...
दरअसल, मणिकर्णिका घाट (हिंदू धर्म का सबसे पवित्र महाश्मशान) पर पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण का काम नवंबर 2025 से चल रहा है। कंपनी (तमिलनाडु निवासी मनो की फर्म) द्वारा दाह संस्कार सुविधाएं मजबूत करने, घाट को सुंदर बनाने, सीढ़ियां पक्की करने, बैठने-ठहरने की जगह, लकड़ी भंडारण, सफाई और मॉनसून में आने वाली समस्याओं को दूर करने का प्रोजेक्ट है। शुरुआती चरण में करोड़ों रुपये, कुल योजना में बड़े स्तर पर सुधार।

प्रशासन का दावा है कि पुरानी कच्ची संरचनाएं (जैसे कुछ चबूतरे, पुरानी प्लेटफॉर्म) हटाई जा रही हैं, लेकिन कोई मंदिर या देवी-देवता की मूल मूर्तियां नहीं तोड़ी गईं। खोदाई में मिली कलाकृतियां और मूर्तियां (जिनमें अहिल्याबाई होलकर से जुड़ी) संस्कृति विभाग द्वारा सुरक्षित रखी गई हैं और काम पूरा होने पर उसी जगह विधि-विधान से पुनः स्थापित की जाएंगी।
Varanasi Manikarnika Ghat Fact Check: क्या वायरल हो रही तस्वीरें/वीडियो फेक हैं?
- हां, पुलिस और अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया (खासकर X) पर AI-जनरेटेड (कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनी) फर्जी तस्वीरें और वीडियो वायरल किए गए।
- इनमें विकृत तथ्य दिखाए गए - जैसे मूर्तियां तोड़ते बुलडोजर, देवी-देवताओं की छवियां मलबे में, अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त - जो वास्तविक नहीं हैं।
- ये पोस्ट धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, गलत सूचना फैलाने, आक्रोश भड़काने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के इरादे से शेयर किए गए।
- 16 जनवरी रात को एक X हैंडल से शुरू हुआ, फिर बड़े पैमाने पर रीपोस्ट, कमेंट्स और आपत्तिजनक टिप्पणियां आईं।
Varanasi Police Action: 8 FIR क्यों और किसके खिलाफ?
- चौक पुलिस स्टेशन में 8 अलग-अलग मामले दर्ज (17 जनवरी 2026 को घोषणा)। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत - धार्मिक भावनाएं आहत करने, गलत सूचना फैलाने, सद्भाव बिगाड़ने आदि। पुलिस ने 8
- आरोपियों को और कुछ X हैंडल (ओरिजिनल पोस्ट करने वाले + दोबारा शेयर/कमेंट करने वाले) पर FIR की है। पुलिस उपायुक्त गौराव बंसल ने कहा कि जांच जारी, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार विरोधी माहौल बनाने की कोशिश भी नजर आई।
राजनीतिक बवाल और CM योगी का बयान
विपक्ष (कांग्रेस, AAP, सपा) ने इसे 'विरासत नष्ट करने' का आरोप लगाया - अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़ने, मंदिर क्षति का दावा। CM योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath)ने इसे 'AI से बनी फेक इमेज/वीडियो' करार दिया और कांग्रेस पर निशाना साधा - कहा, काशी को बदनाम करने की साजिश है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विकास और विरासत दोनों साथ चलेंगे, कोई अपमान नहीं।
फैक्ट चेक सारांश - सच vs अफवाह
| क्रमांक | दावा (वायरल) | सच (पुलिस/प्रशासन) |
|---|---|---|
| 1 | घाट तोड़ा जा रहा, मंदिर ध्वस्त | पुनर्विकास चल रहा, पुरानी संरचनाएं हट रही - मंदिर सुरक्षित |
| 2 | अहिल्याबाई की मूर्ति टूटी | मूर्तियां सुरक्षित, बाद में पुनः स्थापित होंगी |
| 3 | देवी-देवता की छवियां मलबे में | AI-जनरेटेड फेक इमेज, वास्तविक नहीं |
| 4 | PM मोदी क्षेत्र में तोड़फोड़ | सुधार कार्य, अफवाह से बवाल फैलाया गया |
निमणिकर्णिका घाट तोड़ा नहीं जा रहा, बल्कि सुधारा जा रहा है - लेकिन फर्जी AI इमेज से धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश हुई, जिस पर पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया। अफवाहों से बचें, तथ्यों पर विश्वास करें। जांच जारी है - सच्चाई सामने आएगी!
(स्रोत: उत्तर प्रदेश पुलिस, वाराणसी प्रशासन, CM योगी के बयान और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स)

Fact Check
दावा
मणिकर्णिका घाट तोड़ा जा रहा है।
नतीजा
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसे भ्रामक और फर्जी करार देते हुए 8 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।












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