Fact Check: क्या UP में इस्तेमाल हुआ कोरोना के इलाज के लिए 'चमत्कारिक' दवा? चर्चित डॉ राबर्ट मलोने का दावा
Fact Check: क्या UP में इस्तेमाल हुआ कोरोना के इलाज के लिए 'चमत्कारिक' दवा? चर्चित डॉ राबर्ट मलोने ने किया दावा
नई दिल्ली, 02 जनवरी: अमेरिका के चर्चित वैज्ञानिक और वायरोलॉजिस्ट और इम्यूनोलॉजिस्ट डॉक्टर राबर्ट मलोने ने उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के लिए इस्तेमाल की गई दवा (किट) को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। डॉ रॉबर्ट मेलोन ने हाल ही में उस समय विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने दावा किया था कि भारत में उत्तर प्रदेश सरकार ने अमेरिकी सरकार के साथ अपनी कोविड -19 उपचार प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया। डॉ रॉबर्ट मेलोन ने यह भी दावा किया है कि यूपी में कोरोना के इलाज के लिए कोई अलग दवा इस्तेमाल की गई है, इसलिए वहां कोरोना इतना कंट्रोल में है। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात के दौरान यूपी में कोरोना के चमत्कारिक दवा पर चर्चा भी की थी। फाइजर, मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन में इस्तेमाल हो रही एमआरएनए तकनीक की खोज करने वाले डॉक्टर राबर्ट मलोने ने आरोप लगाया है कि यूपी के कोरोना किट में इलाज के लिए क्या-क्या इस्तेमाल किया गया है, इसका उन्होंने खुलासा नहीं किया है।

डॉक्टर राबर्ट मलोने क्या-क्या किए दावे
डॉक्टर राबर्ट मलोने ने जो रोगन के शो में कहा, उत्तर प्रदेश कोरोना वायरस रोगियों को आइवरमैक्टीन (Ivermectin) जो एक परजीवी विरोधी दवा है, इसका इस्तेमाल कर महामारी पर नियंत्रण करने में सक्षम हो गया।'' डॉक्टर राबर्ट मलोने कहा, 'आप सब जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में कोरोना लगभग खत्म हो चुका है। लेकिन ये कैसे खत्म हुआ, तो मैं आपको बता दूं कि यूपी में आइवरमैक्टीन नाम की एक दवा का इस्तेमाल किया गया है। यूपी में वायरस तेजी से फैल रहा था, उसकी जनसंख्या लगभग अमेरिका इतनी है, इसी दौरान यूपी में हड़बड़ी पूरे राज्य में इलाज के पैकेट बांटे गए, इसमें कई एजेंट्स को शामिल किया गया। लेकिन इस पैकेट में क्या-क्या था, सका खुलासा आधिकारिक रूप से नहीं किया गया।''

'मोदी-बाइडेन के बीच हुई थी इस कोरोना किट को लेकर चर्चा....'
डॉक्टर राबर्ट मलोने ने यह भी दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना के इलाज के लिए इस्तेमाल की गई कोरोना किट को विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ समन्वय के जरिए जारी किया गया था। ऐसी अफवाह थी कि इन पैकेट में आइवरमैक्टीन को शामिल किया गया था। डॉक्टर राबर्ट मलोने ने यह भी दावा किया है कि इस कोरोना किट को लेकर जो बाइडेन और पीएम मोदी के बीच बैठक में चर्चा भी हुई थी। हैराना की बात ये है कि डॉक्टर राबर्ट मलोने ने जो रोगन के जिस शो में यूपी को लेकर ये दावे किए हैं, उस इंटरव्यू को प्रसारण से पहले ही रोक दिया गया है।

डॉक्टर राबर्ट मलोने का दावे का क्या है पूरा सच
बता दें कि जो रोगन शो में डॉक्टर राबर्ट मलोने ने जो भी दावे किए हैं, वो पूरा सच नहीं है। द इंडियन एक्सप्रेस में 12 मई, 2021 को एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने खुद स्वीकार किया था कि कोरोना के इलाज के लिए राज्यभर में आइवरमैक्टीन (Ivermectin) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसमें यूपी सरकार ने कहा था कि आइवरमैक्टीन से कोविड-19 सकारात्मकता दर और कम मृत्यु दर कम हुई है। आगरा में पहली बार अगस्त 2020 में Ivermectin और Doxycycline को इस्तेमाल किया गया था।

उत्तर प्रदेश की सरकार ने आइवरमैक्टीन के इस्तेमाल को लेकर क्या कहा था?
द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उत्तर प्रदेश निगरानी अधिकारी विकासेंदु अग्रवाल ने कहा था, ''उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने बड़े पैमाने पर आइवरमैक्टीन (Ivermectin) का उपयोग करना शुरू किया है। मई-जून 2020 में डॉ अंशुल पारीक के नेतृत्व में आगरा में एक टीम ने प्रायोगिक आधार पर जिले के सभी आरआरटी टीम के सदस्यों को आइवरमैक्टीन प्रशासित किया था। यह देखा गया कि उनमें से किसी ने भी उन रोगियों के साथ दैनिक संपर्क में रहने के बावजूद कोविड -19 विकसित नहीं किया, जिन्होंने वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था। ''

Fact Check
दावा
क्या उत्तर प्रदेश की सरकार ने कोरोना के इलाज के लिए इस्तेमाल की गई दवाओं के बारे में किसी को जानकारी नहीं दी है।
नतीजा
असल में उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया था कि वह कोरोना के इलाज के लिए आइवरमैक्टीन (Ivermectin) नाम की एक दवा का इस्तेमाल कर रहा है।












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