Fact Check: कोरोना वायरस के इलाज के लिए गंगा जल पर होगी रिसर्च? सरकार ने बताया- क्या है सच्चाई
कोरोना वायरस के इलाज के लिए गंगा जल पर रिसर्च किए जाने को लेकर एक खबर वायरल हो रही है। अब इसको लेकर भारत सरकार का बयान आया है। आइए जानते हैं भारत सरकार ने इस पूरे मामले में क्या कहा है।

चीन में कोरोना का नया वेरिएंट BF.7 तबाही मचा रहा है। जिसे देखते हुए भारत सरकार पर अलर्ट मोड में आ गई है। इसी बीच पीएम मोदी ने गुरुवार को हाई लेवल समीक्षा बैठक बुलाई है। वहीं, दिनों सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए गंगा जल पर रिसर्च होगी। इस खबर पर भारत सरकार का बड़ा बयान आया है।
गंगा नदी के पानी पर रिसर्च का नहीं प्राप्त हुआ है अनुरोध
गंगा नदी के पानी से कोरोना के इलाज को लेकर रिसर्च वाली खबर को लेकर भारत सरकार का बयान आया है। भारत सरकार का कहना है कि उसे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से कोविड-19 वायरस के इलाज के रूप में गंगा नदी के पानी के उपयोग पर शोध करने का कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है।
एनएमसीजी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद को भेजा था दो प्रस्ताव
हालांकि, एनएमसीजी ने 28.4.2020 को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद को जांच के लिए दो प्रस्ताव भेजे थे। प्रस्ताव में कहा गया था कि "गंगा के तलछट कोविड-19 के खिलाफ प्रतिरक्षण कर सकते हैं" और "गंगा जल द्वारा कोविड-19 का उपचार" किया जा सकता है। लेकिन भारत सरकार को अभी कोरोना वायरस संक्रमण के लिए गंगा जल के रिसर्च के लिए कोई अनुरोध नहीं प्राप्त हुआ है।
चीन में हर दिन बढ़ रही है मौतों की संख्या
कोरोना वायरस संक्रमण चीन में कहर बरपा रहा है। वहां हर दिन हजारों की संख्या में लोगों संक्रमित हो रही हैं और इतनी ही मौतें भी हो रही हैं। मौतों की संख्या के बढ़ने की वजह से वहां के श्मशान घाटों पर लाशों का अंबार लग गया है। साथ ही संक्रमितों को अस्पताल में इलाज के लिए बेड भी नहीं मिल पा रहा है। महामारी से बच्चे, बूढ़े सहित हर वर्ग के लोग संक्रमित हो रहे हैं।
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Fact Check
दावा
oneindia.com
नतीजा
कोरोना के इलाज के लिए गंगा जल पर रिसर्च का दावा गलत पाया गया है।












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