Fact Check: क्या मोदी सरकार ने किताबों पर लगाई GST? जानें वायरल पोस्ट का सच
नई दिल्ली, 12 जुलाई: मोदी सरकार के विरोधी हमेशा जीएसटी को लेकर उन पर निशाना साधते रहते हैं। जून के अंत में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स काउंसिल ने अपनी 47वीं बैठक की। इस दौरान कई रोजाना की वस्तुओं पर टैक्स प्रतिशत बदल दिया गया। इसके बाद से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही, जिसमें दावा किया जा रहा कि मोदी सरकार ने अब किताबों पर जीएसटी लगा दी है। इस वजह से किताबें काफी महंगी हो जाएंगी।

प्रभाकर यादव नाम के एक यूजर ने लिखा कि विश्व में फिर बजा भारत का डंका। बच्चों की किताबों पर जीएसटी लगाने वाला विश्व का पहला देश बना भारत। अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो गूंगा बनेगा इंडिया। इसके बाद से लोगों ने इसे तेजी से वायरल करना शुरू कर दिया। साथ ही कई लोगों ने इस फैसले को गलत बताते हुए इसकी आलोचना करनी शुरू कर दी। कुछ ने तो इस फैसले को वापस लेने की मांग कर दी।

अब इस दावे पर भारत सरकार ने सफाई दी है। मामले में पीआईबी ने बताया कि केंद्र की ओर से किताबों पर कोई जीएसटी नहीं लगाया गया है। वो टैक्स फ्री हैं। इस वजह से जो दावा वायरल हो रहा वो फर्जी है। सभी से अपील की जाती है कि वो इस फर्जी पोस्ट को ना शेयर करें। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद नए स्लैब की लिस्ट जारी होती है, उस पर भी किताब के सामने वाले कॉलम में NIL लिखा है, जिसका मतलब है कि वो टैक्स फ्री हैं।

Fact Check
दावा
किताबों पर लगी जीएसटी
नतीजा
वायरल पोस्ट फर्जी है।












Click it and Unblock the Notifications